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Gorakhpur News: संतकबीरनगर समेत चार जिलों में बंद कताई मिल की जमीन पर विकसित होगा टेक्सटाइल और सिल्क पार्क
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- हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय के संयुक्त आयुक्त ने जारी किया पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। प्रदेश में बंद पड़ी कताई मिल की जमीन पर अब नए सिरे से टेक्सटाइल और सिल्क पार्क विकसित करने की योजना है। संतकबीरनगर के मगहर सहित जेपी नगर, बरेली और बिजनौर के बंद पड़े मिल परिसरों को औद्योगिक निवेश के लिए तैयार किया जाएगा। इस दिशा में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग ने ग्राउंड सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है।
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय के संयुक्त आयुक्त प्रमोद चंद ठाकुर की ओर से पांच जनवरी को जारी पत्र के अनुसार, प्रदेश के चार जिलों मगहर (संतकबीरनगर), अमरोहा (जेपी नगर), बहेड़ी (बरेली) और नगीना (बिजनौर) में बंद मिल परिसरों में टेक्सटाइल और सिल्क पार्क विकसित किए जाएंगे। सर्वेक्षण में भूमि की मांग, उपयुक्त स्थान, आवंटन प्रक्रिया और इकाई स्थापना के लिए आवश्यक सुविधाओं की जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके साथ ही सीईटीपी, बॉयलर और अन्य आधारभूत संरचना की जरूरतों का भी आकलन किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निवेशकों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने राज्य सरकार के साथ एमओयू किया है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक स्थल पर टेक्सटाइल पार्क की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
संयुक्त आयुक्त ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को सर्वेक्षण कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारी का कहना है कि इस पहल से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बंद पड़े उद्योग परिसरों को नई पहचान मिलेगी। इसके साथ ही प्रदेश में हथकरघा और सिल्क उद्योग को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। प्रदेश में बंद पड़ी कताई मिल की जमीन पर अब नए सिरे से टेक्सटाइल और सिल्क पार्क विकसित करने की योजना है। संतकबीरनगर के मगहर सहित जेपी नगर, बरेली और बिजनौर के बंद पड़े मिल परिसरों को औद्योगिक निवेश के लिए तैयार किया जाएगा। इस दिशा में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग ने ग्राउंड सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है।
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय के संयुक्त आयुक्त प्रमोद चंद ठाकुर की ओर से पांच जनवरी को जारी पत्र के अनुसार, प्रदेश के चार जिलों मगहर (संतकबीरनगर), अमरोहा (जेपी नगर), बहेड़ी (बरेली) और नगीना (बिजनौर) में बंद मिल परिसरों में टेक्सटाइल और सिल्क पार्क विकसित किए जाएंगे। सर्वेक्षण में भूमि की मांग, उपयुक्त स्थान, आवंटन प्रक्रिया और इकाई स्थापना के लिए आवश्यक सुविधाओं की जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके साथ ही सीईटीपी, बॉयलर और अन्य आधारभूत संरचना की जरूरतों का भी आकलन किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निवेशकों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने राज्य सरकार के साथ एमओयू किया है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक स्थल पर टेक्सटाइल पार्क की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
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संयुक्त आयुक्त ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को सर्वेक्षण कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारी का कहना है कि इस पहल से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बंद पड़े उद्योग परिसरों को नई पहचान मिलेगी। इसके साथ ही प्रदेश में हथकरघा और सिल्क उद्योग को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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