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अच्छी खबर: गोरखपुर में 10 माह के मासूम ने जीती कोरोना से जंग, पूरा परिवार हो चुका था संक्रमित
Tue, 18 May 2021 01:29 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 18 May 2021 01:29 PM IST
सार
घर पर ही रहकर मासूम ने दी कोरोना को मात। खुद बच्चे के पिता वेंटिलेटर पर आ गए थे लेकिन मासूम ने बाबा और दादी के साथ कोरोना से जंग जीत ली है।
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कौस्तुभ ने कोरोना से जीती जंग।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कोरोना महामारी के बीच उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के 10 माह के मासूम ने परिवार के साथ कोरोना से जंग जीत ली है। पूरा परिवार कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गया था। खुद बच्चे के पिता वेंटिलेटर पर आ गए थे लेकिन मासूम ने बाबा और दादी के साथ कोरोना से जंग जीत ली है। मामला राप्तीनगर के गंगा नगर मोहल्ले का है।
जानकारी के मुताबिक यहां रहने वाले प्रशांत सिंह का पूरा परिवार कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गया था। परिवार में 10 माह का बेटा कौस्तुभ, 60 वर्षीय की मां, उनके पिता और पत्नी (30) संक्रमित हो गए थे। इसी बीच प्रशांत की तबीयत बिगड़ी तो उन्हें निजी अस्पताल में वेंटिलेटर के सहारे रहना पड़ा। लेकिन प्रशांत के छोटे भाई निशांत सिंह ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए 10 माह के मासूम के साथ अपने माता-पिता और भाभी को कोरोना से निजात दिलाने में मदद की।
बताया कि जैसे ही पता चला कि परिवार पूरा संक्रमित हो गया है तो काफी तनाव की स्थिति बन गई। उस पर बड़े भाई को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी तो मुश्किलें और बढ़ गईं। लेकिन इस बीच डॉक्टर से सलाह लेकर और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दवाएं दीं। समय-समय पर सबका ऑक्सीजन लेवल चेक करता रहा।
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कौस्तुभ को नाम मात्र की दवाएं दीं गईं। अंत में सब लोग निगेटिव हो गए। मौजूदा समय में लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए घर पर ही रह रहे हैं। उन्होंने कहा, अगर कोविड पॉजिटिव होते हैं तो घबराएं नहीं, डॉक्टर की सलाह पर ही होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना से जंग जीती जा सकती है।
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जानकारी के मुताबिक यहां रहने वाले प्रशांत सिंह का पूरा परिवार कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गया था। परिवार में 10 माह का बेटा कौस्तुभ, 60 वर्षीय की मां, उनके पिता और पत्नी (30) संक्रमित हो गए थे। इसी बीच प्रशांत की तबीयत बिगड़ी तो उन्हें निजी अस्पताल में वेंटिलेटर के सहारे रहना पड़ा। लेकिन प्रशांत के छोटे भाई निशांत सिंह ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए 10 माह के मासूम के साथ अपने माता-पिता और भाभी को कोरोना से निजात दिलाने में मदद की।
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बताया कि जैसे ही पता चला कि परिवार पूरा संक्रमित हो गया है तो काफी तनाव की स्थिति बन गई। उस पर बड़े भाई को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी तो मुश्किलें और बढ़ गईं। लेकिन इस बीच डॉक्टर से सलाह लेकर और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दवाएं दीं। समय-समय पर सबका ऑक्सीजन लेवल चेक करता रहा।
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कौस्तुभ को नाम मात्र की दवाएं दीं गईं। अंत में सब लोग निगेटिव हो गए। मौजूदा समय में लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए घर पर ही रह रहे हैं। उन्होंने कहा, अगर कोविड पॉजिटिव होते हैं तो घबराएं नहीं, डॉक्टर की सलाह पर ही होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना से जंग जीती जा सकती है।