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शिक्षक एमएलसी चुनाव का समीकरण बदला, कड़े मुकाबले के आसार
Wed, 02 Dec 2020 05:02 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 02 Dec 2020 05:02 PM IST
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MLC Election 2020
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव संपन्न हो है। सभी प्रत्याशियों के जीत के अपने-अपने दावे हैं। मतदाताओं से बातचीत में जो रुझान निकलकर सामने आया है, उसके मुताबिक इस सीट का राजनीतिक व जातीय समीकरण बदल गया है।
मुख्य मुकाबला शर्मा या फिर पांडेय गुट के बीच ही नहीं सिमटा दिखा। वित्त विहीन शिक्षकों के प्रत्याशी भी दमदारी से चुनाव लड़ रहे हैं। इससे मुकाबला दिलचस्प हो गया। बहरहाल, जीत-हार 3 दिसंबर को तय होगी। इतना तय है कि 2014 की तरह की इस बार भी लड़ाई कांटे की रहेगी।
रिटर्निंग आफिसर के पास जो आंकड़े उपलब्ध हैं, उसके मुताबिक गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शिक्षक संघ पांडेय गुट व शर्मा गुट का दबदबा रहता था, लेकिन 2014 के चुनाव से समीकरण बदल गए। पिछला मुकाबला शर्मा गुट और वित्त विहीन शिक्षकों के बीच हुआ था। वित्त विहीन शिक्षक संघ के प्रत्याशी रहे लाल बिहारी यादव प्रथम वरीयता के मतों से चुनाव जीत गए थे लेकिन दूसरे वरीयता के मतों से हार गए। जीत-हार का अंतर बहुत ज्यादा नहीं था। निवर्तमान एमएलसी को जहां 9250 मत मिले थे, वहीं लाल बिहारी यादव 8764 मत पाने में सफल हुए थे।
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मुख्य मुकाबला शर्मा या फिर पांडेय गुट के बीच ही नहीं सिमटा दिखा। वित्त विहीन शिक्षकों के प्रत्याशी भी दमदारी से चुनाव लड़ रहे हैं। इससे मुकाबला दिलचस्प हो गया। बहरहाल, जीत-हार 3 दिसंबर को तय होगी। इतना तय है कि 2014 की तरह की इस बार भी लड़ाई कांटे की रहेगी।
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रिटर्निंग आफिसर के पास जो आंकड़े उपलब्ध हैं, उसके मुताबिक गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शिक्षक संघ पांडेय गुट व शर्मा गुट का दबदबा रहता था, लेकिन 2014 के चुनाव से समीकरण बदल गए। पिछला मुकाबला शर्मा गुट और वित्त विहीन शिक्षकों के बीच हुआ था। वित्त विहीन शिक्षक संघ के प्रत्याशी रहे लाल बिहारी यादव प्रथम वरीयता के मतों से चुनाव जीत गए थे लेकिन दूसरे वरीयता के मतों से हार गए। जीत-हार का अंतर बहुत ज्यादा नहीं था। निवर्तमान एमएलसी को जहां 9250 मत मिले थे, वहीं लाल बिहारी यादव 8764 मत पाने में सफल हुए थे।
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इस बार वित्त विहीन शिक्षक संघ के प्रत्याशी के रूप में अजय सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। रफी अहमद किदवई मतदान केंद्र पर जो मतदाता आए, उनमें ज्यादातर की पहली पसंद ध्रुव कुमार त्रिपाठी थे। दूसरा नंबर अजय सिंह का रहा। गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में मतदान करने वाले शिक्षकों का रुख अलग ही दिखा है। इस केंद्र पर वित्त विहीन शिक्षक संघ के प्रत्याशी बढ़त पाते दिखे। हालांकि ध्रुव त्रिपाठी व विभ्राट चन्द कौशिक को भी मत मिले हैं।
गोला विकास खंड मुख्यालय पर वोट डालने आए वीएसएडी इंटर कॉलेज गोला और आनंद विद्यापीठ इंटर कॉलेज ककरही के शिक्षकों की आपसी चर्चा ने कड़े मुकाबले पर मुहर लगा दी। एक शिक्षक ने कहा कि यह पहला चुनाव है, जिसमें जातीय समीकरण हावी हुआ है। भले ही शिक्षक किसी संघ से जुड़े हैं लेकिन वह पसंदीदा प्रत्याशियों को मतदान कर रहे हैं। इससे पहले के चुनावों में शिक्षक संघ ही सब कुछ होता था। यहां भी मुकाबला ध्रुव त्रिपाठी व अजय सिंह के बीच देखने को मिला है।
मतदाताओं का इसी तरह का रुझान संतकबीर नगर में भी देखने को मिला है। यहां अटेवा समर्थित प्रत्याशी राजीव यादव को भी वोट मिले हैं। महराजगंज में शर्मा गुट के प्रत्याशी का पलड़ा भारी दिखा है। सपा प्रत्याशी ने भी अच्छा चुनाव लड़ा है। गृह जनपद सिद्धार्थनगर में ध्रुव कुमार त्रिपाठी मजबूती से चुनाव लड़े हैं। देवरिया में ध्रुव कुमार त्रिपाठी, अजय सिंह और लाल बहादुर यादव के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला है। विभ्राट चन्द कौशिक भी वोट पाने में कामयाब रहे हैं। कुशीनगर और बस्ती में भी मुकाबला दिलचस्प है।
गोला विकास खंड मुख्यालय पर वोट डालने आए वीएसएडी इंटर कॉलेज गोला और आनंद विद्यापीठ इंटर कॉलेज ककरही के शिक्षकों की आपसी चर्चा ने कड़े मुकाबले पर मुहर लगा दी। एक शिक्षक ने कहा कि यह पहला चुनाव है, जिसमें जातीय समीकरण हावी हुआ है। भले ही शिक्षक किसी संघ से जुड़े हैं लेकिन वह पसंदीदा प्रत्याशियों को मतदान कर रहे हैं। इससे पहले के चुनावों में शिक्षक संघ ही सब कुछ होता था। यहां भी मुकाबला ध्रुव त्रिपाठी व अजय सिंह के बीच देखने को मिला है।
मतदाताओं का इसी तरह का रुझान संतकबीर नगर में भी देखने को मिला है। यहां अटेवा समर्थित प्रत्याशी राजीव यादव को भी वोट मिले हैं। महराजगंज में शर्मा गुट के प्रत्याशी का पलड़ा भारी दिखा है। सपा प्रत्याशी ने भी अच्छा चुनाव लड़ा है। गृह जनपद सिद्धार्थनगर में ध्रुव कुमार त्रिपाठी मजबूती से चुनाव लड़े हैं। देवरिया में ध्रुव कुमार त्रिपाठी, अजय सिंह और लाल बहादुर यादव के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला है। विभ्राट चन्द कौशिक भी वोट पाने में कामयाब रहे हैं। कुशीनगर और बस्ती में भी मुकाबला दिलचस्प है।
भाजपा व एमएलसी देवेंद्र से नजदीकी का फायदा भी मिला
वित्त विहीन शिक्षक संघ के प्रत्याशी अजय सिंह को पहले भाजपा अपना प्रत्याशी बनाना चाहती थी। इसी लिहाज से बेसिक शिक्षामंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी को प्रभारी बनाकर अजय सिंह को शिक्षकों से मिलवाने की जिम्मेदारी दी गई थी। बेसिक शिक्षा मंत्री कई बार अजय सिंह को साथ लेकर अलग-अलग जिलों में गए। बाद में समीकरण बदला और भाजपा ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया। इससे पहले ही अजय सिंह की मजबूत पैठ शिक्षकों में बन गई थी।
भाजपा ने भले ही किनारा कर लिया लेकिन एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने खुलकर अजय का समर्थन किया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी वीडियो संदेश जारी करके अजय सिंह को वोट देने की अपील कर दी। इसका बड़ा फायदा गोरखपुर व बस्ती मंडल में मिलता दिख रहा है।
क्या हैट्रिक लगा पाएंगे ध्रुव
शर्मा गुट के प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी तीसरी बार चुनाव मैदान में उतरे हैं। वह 2008 में चुनाव जीतकर विधान परिषद पहुंचे थे। 2014 में दूसरी बार चुनाव जीतने में सफल रहे थे। वह सिद्धार्थनगर के रहने वाले हैं। लिहाजा, गोरखपुर और बस्ती मंडल में मजबूत पैठ है। वित्त विहीन शिक्षक संघ के प्रत्याशी अजय सिंह आजमगढ़ के रहने वाले हैं। गोरखपुर के बाद सबसे ज्यादा मतदाता आजमगढ़ में हैं। आजमगढ़ व मऊ के साथ ही अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर में अच्छी पैठ है।
भाजपा ने भले ही किनारा कर लिया लेकिन एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने खुलकर अजय का समर्थन किया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी वीडियो संदेश जारी करके अजय सिंह को वोट देने की अपील कर दी। इसका बड़ा फायदा गोरखपुर व बस्ती मंडल में मिलता दिख रहा है।
क्या हैट्रिक लगा पाएंगे ध्रुव
शर्मा गुट के प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी तीसरी बार चुनाव मैदान में उतरे हैं। वह 2008 में चुनाव जीतकर विधान परिषद पहुंचे थे। 2014 में दूसरी बार चुनाव जीतने में सफल रहे थे। वह सिद्धार्थनगर के रहने वाले हैं। लिहाजा, गोरखपुर और बस्ती मंडल में मजबूत पैठ है। वित्त विहीन शिक्षक संघ के प्रत्याशी अजय सिंह आजमगढ़ के रहने वाले हैं। गोरखपुर के बाद सबसे ज्यादा मतदाता आजमगढ़ में हैं। आजमगढ़ व मऊ के साथ ही अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर में अच्छी पैठ है।
चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी
ध्रुव कुमार त्रिपाठी निवर्तमान एमएलसी, अजय सिंह, विभ्राट चन्द कौशिक, अवधेश यादव-सपा, नागेंद्र दत्त त्रिपाठी-कांग्रेस, देशबंधु शुक्ला, रामजनम सिंह, राम प्रताप राम, रमेश कुमार विमल, अनिल कुमार गौतम, लाल बहादुर यादव, राजीव यादव, अरुण सिंह, नागेंद्र प्रताप सिंह, अनिल कुमार श्रीवास्तव व नरेंद्र सिंह।
जिले, जहां वोट डाले गए
गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ, अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी, अंबेडकरनगर, बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती और बलरामपुर।
जिले, जहां वोट डाले गए
गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ, अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी, अंबेडकरनगर, बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती और बलरामपुर।