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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Suspicious transactions in SBI bank accounts in Sardar Nagar, Gorakhpur. Complaint to CM via IGRS

आईजीआरएस: मृत लोगों के बैंक खातों के जरिये हो रहा फर्जीवाड़ा, सीएम से की शिकायत- खातों से संदिग्ध लेन-देन

Sun, 23 Nov 2025 01:00 PM IST
रोहित सिंह रोहित सिंह, गोरखपुर
रोहित सिंह, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Sun, 23 Nov 2025 01:00 PM IST
सार

केशरी कुमार ने शिकायत की है कि बैंक के जिम्मेदारों की लापरवाही से यहां मृत लोगों के बैंक खातों से रुपये निकाले जा रहे हैं। उन्होंने दो से तीन बैंक खातों के डिटेल भी दिए हैं। आरोप के मुताबिक, सुदामी देवी के नाम से खाता है। इस खाते से लंबे समय से लेन-देन नहीं हो रहा था। इसी बीच 27 जून 2025 को इस खाते से एक ग्राहक सेवा केंद्र के खाते में 1,95,000 रुपये भेजे गए।

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Suspicious transactions in SBI bank accounts in Sardar Nagar, Gorakhpur. Complaint to CM via IGRS
आईजीआरएस पोर्टल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की सरदारनगर शाखा में सब कुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। आरोप है कि यहां मृत लोगों के इनएक्टिव खातों के जरिये लेनदेन कर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। यह भी आरोप है कि ये खाते बिना आधार-पैन के संचालित हो रहे हैं। इस मामले में केशरी कुमार ने आईजीआरएस के जरिये बाकायदा खातों की डिटेल के साथ शिकायत की है। इस शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हो गई है।
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केशरी कुमार ने शिकायत की है कि बैंक के जिम्मेदारों की लापरवाही से यहां मृत लोगों के बैंक खातों से रुपये निकाले जा रहे हैं। उन्होंने दो से तीन बैंक खातों के डिटेल भी दिए हैं। आरोप के मुताबिक, सुदामी देवी के नाम से खाता है। इस खाते से लंबे समय से लेन-देन नहीं हो रहा था।
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इसी बीच 27 जून 2025 को इस खाते से एक ग्राहक सेवा केंद्र के खाते में 1,95,000 रुपये भेजे गए। अगस्त में इस मामले में गोपनीय जांच शुरू हुई तो 29 सितंबर को वापस उसी ग्राहक सेवा केंद्र से सुदामी देवी के बैंक खाते में रुपये भेज दिए गए। इस खाते का केवाईसी (आधार, पैन) भी नहीं है। इसके बाद भी इस खाते से रुपयों का लेनदेन हुआ है।

इसी तरह महात्मा प्रसाद के नाम से बैंक खाता है। यह इनऑपरेटिव (खाते से निकासी-जमा नहीं हो रहा था) खाता है। इस खाते को फिर से संचालित करते हुए लेनदेन किया गया। इस खाते से 30 अप्रैल को 2,20,000 रुपये निकालकर उसी ग्राहक सेवा केंद्र के खाते में भेज दिए गए।
 

ऐसे ही कुछ और खातों का जिक्र करते हुए शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप लगाया कि इस आर्थिक अपराध का हिस्सा जिम्मेदारों के पास भी आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक की किसी आईडी से ही खाताधारकों के रुपये ग्राहक सेवा केंद्र में भेजे गए होंगे।

बैंक के एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने बताया कि ग्राहक सेवा केंद्र बुजुर्ग और जरूरतमंदों के सहयोग के लिए खोले गए हैं। इन केंद्रों से निकासी की सीमा सिर्फ 30 हजार रुपये है। ऐसे में एक ही ग्राहक सेवा केंद्र में बार-बार रुपये भेजना और उस खाते से वापस बैंक के खाते में आना संदिग्ध प्रतीत होता है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
 
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लगभग डेढ़ करोड़ रुपये गायब, बैंक ने नहीं की कानूनी कार्रवाई
शिकायतकर्ता का आरोप है कि एक ग्राहक सेवा केंद्र संचालक डेढ़ करोड़ रुपये लेकर भाग गया है। इसकी शिकायत ग्राहकों ने बैंक के जिम्मेदारों से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने इस मामले की भी जांच कराने की मांग की।

खातों में दर्ज मोबाइल नंबर बंद, वेस्ट बंगाल के नंबर
शिकायतकर्ता ने कहा कि इनऑपरेटिव बैंक खातों की ठीक से जांच की जाए तो बड़ा खेल सामने आ सकता है। बैंक के खातों में दर्ज मोबाइल नंबर स्विच ऑफ हैं। इसके अलावा इन खातों में दर्ज कई मोबाइल नंबर पश्चिम बंगाल में पंजीकृत हैं।

एक-दो खातों से अगर रुपये ग्राहक सेवा केंद्र के खातों में भेजे गए हैं तो यह मानवीय भूल हो सकता है लेकिन अगर ऐसा कई खातों से हुआ है तो मामला गंभीर है। अगर किसी ने शिकायत की है और विवरण उपलब्ध करवाया है तो मामले की जांच कराई जाएगी। कोई दोषी मिला तो कार्रवाई की संस्तुति के साथ उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी: आनंद कुमार, डीजीएम, एसबीआई

 
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