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गोरखपुर: होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में एक छात्र का प्रवेश संदिग्ध, जांच जारी
Thu, 10 Nov 2022 12:35 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 10 Nov 2022 12:35 PM IST
सार
होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज बड़हलगंज को साल 2019 में 100 सीट की मान्यता मिली थी। वर्ष 2021 में 125 सीट पर प्रवेश के लिए फिर से मान्यता मिली। नीट काउंसिलिंग से 106 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया।
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एडमीशन
- फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज व अस्पताल खड़ेसरी, बड़हलगंज में एक छात्र का प्रवेश संदिग्ध होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि रोल नंबर और नाम का हेरफेर करके खेल किया गया है।
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होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज बड़हलगंज को साल 2019 में 100 सीट की मान्यता मिली थी। वर्ष 2021 में 125 सीट पर प्रवेश के लिए फिर से मान्यता मिली। नीट काउंसिलिंग से 106 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। बताया जा रहा है कि एक छात्र फर्जीवाड़ा कर प्रवेश लिया है। नीट की परीक्षा में शामिल किसी छात्र के रोल नंबर के जरिये प्रवेश लेने की बात कही जा रही है।
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प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि 2021 में कॉलेज में प्रवेश लेने वाले सभी 106 विद्यार्थी नीट काउंसिलिंग से आए हैं। आयुष मंत्रालय से अभी तक किसी छात्र के प्रवेश की फर्जी जानकारी से संबंधित पत्र नहीं मिला है। अगर इस तरह की कोई जानकारी मिलती है तो जांच कराई जाएगी।
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125 सीटों पर प्रवेश के लिए फिर मिली मान्यता
राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि 2022/23 सत्र के लिए आयुष मंत्रालय ने 125 सीटों पर प्रवेश के लिए मान्यता दी है। मौजूदा समय में प्रथम वर्ष में 119, द्वितीय वर्ष में 106 और अंतिम वर्ष में 96 विद्यार्थी मौजूद हैं। सीटों की मान्यता का यह चौथा साल है।
एक साल बाद आयुष मंत्रालय से एक बार और मान्यता के लिए आवेदन किया जाएगा। पांच साल पूरा होने के बाद मंत्रालय की टीम कॉलेज का निरीक्षण करेगी। अगर संसाधन सहित मानक के अनुसार सुविधाएं मिलती हैं, तो पांच साल के बाद सीटों पर प्रवेश के लिए मान्यता की जरूरत नहीं होगी।
एक साल बाद आयुष मंत्रालय से एक बार और मान्यता के लिए आवेदन किया जाएगा। पांच साल पूरा होने के बाद मंत्रालय की टीम कॉलेज का निरीक्षण करेगी। अगर संसाधन सहित मानक के अनुसार सुविधाएं मिलती हैं, तो पांच साल के बाद सीटों पर प्रवेश के लिए मान्यता की जरूरत नहीं होगी।