विशेषज्ञों की सलाह: शुगर के मरीजों को टीबी का खतरा पांच गुना ज्यादा, ऐसे करें खुद की रक्षा
विशेषज्ञों की सलाह, टीबी मरीजों को लगातार आ रही है खासी तो कराएं टीबी की जांच।
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शुगर के मरीजों को टीबी का खतरा पांच गुना ज्यादा होता है। ऐसे लोगों को यदि दो दिनों अधिक समय तक लगातार खांसी आए तो टीबी की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। टीबी का वायरस भी कोरोना की तरह बेहद खतरनाक है। इसका संक्रमण करीब छह से आठ घंटे के अंदर फैलता है।
जानकारी के अनुसार जिले के 80 फीसदी टीबी मरीज, शुगर से भी पीड़ित हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि टीबी मरीजों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। 20 वर्ष की उम्र से अधिक लोगों को अगर लगातार खांसी आ रही है तो टीबी की जांच जरूर करा लें।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष डॉ अश्वनी मिश्रा ने बताया कि टीबी मरीजों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इस वजह से संक्रमण की आशंका ज्यादा रहती है। पिछले तीन सालों की बात करें तो जो भी टीबी के मरीज मिल रहे हैं, उनमें 80 प्रतिशत मरीजों में शुगर की समस्या है।
ब्रेन और मिल्यरी ( ब्लड में) टीबी, शुगर के मरीजों के लिए ज्यादा खतरनाक होती है। यह अक्सर बच्चों में पाई जाती है। 10 से 15 प्रतिशत टीबी ग्रसित बच्चों में भी शुगर देखने को मिल रहा है। पूर्वांचल में शुगर से ग्रसित मरीजों पर दवाइयों का असर कम हो रहा है। ऐसे लोगों को मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस (एमडीआर) का भी खतरा ज्यादा है।
निशुल्क है एमडीआर और एक्सडीआर की दवाएं
डॉ अश्वनी मिश्रा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में टीबी की जांच और दवाइयां निशुल्क हैं। एमडीआर एवं एक्सडीआर के मरीजों के इलाज में खर्च होने वाली तीन से चार लाख की दवाइयां निशुल्क दी जा रही हैं। टीबी में कल्चर की जांच भी शुरू की गई है।
टीबी मरीजों का आंकड़ा
वर्ष मरीज
2019 10,639
2021 10,705
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ अश्वनी मिश्रा ने कहा कि पूर्वांचल में जो भी टीबी के मरीज मिल रहे हैं, उनमें 20 फीसदी को छोड़कर सभी को शुगर है। ऐसे में शुगर के मरीजों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि, टीबी का वायरस कोरोना की तरह ड्रापलेट से फैलता है। अगर शुगर के मरीजों को लगातार खांसी आ रही है तो टीबी की जांच जरूर कराएं।