सीबीएसई: 10वीं-12वीं के विद्यार्थियों को टर्म-1 की परीक्षा में बोर्ड ने दी बड़ी राहत, ऐसे जवाब बदल सकते हैं विद्यार्थी
उत्तर देने के लिए छात्रों को अब चार नहीं बल्कि पांच वृत्त (सर्किल) और एक बॉक्स मिलेंगे। बॉक्स का प्रयोग उत्तर को बदलने या सही जवाब को लिखने के लिए दिया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से 10वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित होने वाली टर्म-1 की परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को बोर्ड ने बड़ी राहत दी है। अगर परीक्षा के दौरान जवाब देने में परीक्षार्थी कोई गलती करते हैं तो वो अपने जवाब को बदल सकेंगे। अमूमन ओएमआर शीट में एक बार जवाब अंकित करने के बाद जवाब को बदला नहीं जा सकता है। मगर बोर्ड ने विद्यार्थियों को चार सर्किल के सामने एक और स्थान देकर उनकी समस्या को दूर कर दिया है। इस बारे में बोर्ड का आदेश जिले के 117 स्कूलों में पहुंचा है।
आदेश के मुताबिक उत्तर देने के लिए छात्रों को अब चार नहीं बल्कि पांच वृत्त (सर्किल) और एक बॉक्स मिलेंगे। बॉक्स का प्रयोग उत्तर को बदलने या सही जवाब को लिखने के लिए दिया गया है। अगर विद्यार्थी सवाल का जवाब नहीं देना चाहता है तो भी उसे पांचवें वृत्त का प्रयोग यह बताने के लिए करना होगा कि सवाल को छोड़ दिया गया है। यानी छात्र यदि सवाल को हल नहीं करता है तो उसे ‘नाट अटेंप्टेड’ का वृत्त भरना होगा। ऐसा नहीं करने पर उस प्रश्न को अमान्य घोषित कर दिया जाएगा।
परीक्षा के बाद उसी दिन देने होंगे अंक
नकल विहीन परीक्षा कराए जाने के संबंध में प्रश्नपत्र और ओएमआर ऑनलाइन ही स्कूलों को भेज दिए जाएंगे। स्कूल की ओर से विद्यार्थियों को दोनों का प्रिंट आउट उपलब्ध कराया जाएगा। 16 नवंबर से 12वीं और 17 से 10वीं की परीक्षाएं कराई जाएंगी। परीक्षा लेने के बाद स्कूलों को उसी दिन कॉपी चेक करके छात्रों के अंक अपलोड करने होंगे।
गोरखपुर स्कूल एसोसिएशन अध्यक्ष अजय शाही ने कहा कि बोर्ड की ओर से टर्म-1 की परीक्षा को लेकर जारी ओएमआर में बोर्ड ने बदलाव किया है। चार सर्किल के साथ एक अतिरिक्त जगह रिस्पांस बॉक्स के नाम से दी गई है। सभी विद्यार्थियों को सर्किल में जवाब को काला करने के बाद सही जवाब को रिस्पांस बॉक्स में लिखना अनिवार्य है। इसकी जानकारी बच्चों को दी जा रही है।