गोरखपुर: ट्रेनों से शराब की तस्करी में छात्रों का इस्तेमाल, सप्ताह भर में ही पकड़े गए सात
एक हफ्ते में ही सात छात्र पकड़े गए हैं, ये शराब को बिहार ले जाते थे। वहीं जीआरपी-आरपीएफ अब बिहार में छिपे सरगना की तलाश में जुट गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चोरी छुपे शराब बिहार भेजने वाले तस्करों ने अब छात्रों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। इस नेटवर्क की जानकारी होने पर आरपीएफ के साथ मिलकर जीआरपी ने सख्ती बढ़ाई दी है। सप्ताह भर में ही एक किशोर समेत सात युवक, बड़ी मात्रा में शराब के साथ पकड़े गए हैं। इनके पास कॉपी-किताब देखकर कोई इन पर शक भी नहीं करता है और ये बैग में शराब की बोतलें रखकर बड़े इत्मीनान से यूपी से बिहार पहुंचा रहे हैं। खास बात यह है कि इन युवाओं का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और ये स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले हैं।
दरअसल, बिहार में शराब की बिक्री प्रतिबंधित है। यूपी से शराब लेकर धंधेबाज मुंहमांगे दाम पर बिहार में बेचते हैं। रेलवे पुलिस ने शराब तस्करी से जुड़े ज्यादातर गिरोहों को सूचीबद्ध करके रखा है। ऐसे में उनके लिए ट्रेन से शराब ले जाना आसान नहीं है। यही कारण है कि नए युवाओं को तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा है। पकड़े गए युवकों का कहना है कि एक खेप में उन्हें दो हजार रुपये तक मिलते हैं। उन्हें यह भी आश्वासन रहता है कि कानूनी पचड़े में फंसने पर, बचाव की जिम्मेदारी काम सौंपने वालों की होगी।
केस एक
सात फरवरी को रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म एक पर पांच युवक पकड़े गए। उनके पास बैग से 54,850 रुपये कीमत की 94 लीटर शराब बरामद हुई।
केस दो
आठ फरवरी को रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म चार पर एक युवक पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 30 लीटर शराब मिली, जिसकी कीमत 17,600 रुपये थी।
केस तीन
11 फरवरी को रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पांच पर एक युवक पकड़ा गया। तलाशी में युवक के कब्जे से 20 लीटर शराब मिली। जिसकी कीमत 12,000 रुपये थी।
इंस्पेक्टर जीआरपी उपेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि रेलवे स्टेशन और ट्रेन में चेकिंग बढ़ा दी गई है। शराब के साथ पकड़े गए सभी लड़के बिहार के हैं और 18 से 20 वर्ष की उम्र के हैं। शराब तस्करी के नेटवर्क में लगे लोगों की धरपकड़ की जा रही है। चेकिंग अभियान अभी जारी रहेगा।