{"_id":"5ffcbfa78ebc3e3097107fb3","slug":"students-of-gorakhpur-university-demonstrated-what-if-vip-gate-is-open-for-everyone-gorakhpur-city-news-gkp3805327166","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रों ने किया प्रदर्शन, वीआईपी गेट है तो क्या, सबके लिए खुले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रों ने किया प्रदर्शन, वीआईपी गेट है तो क्या, सबके लिए खुले
विज्ञापन
गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रों ने किया प्रदर्शन, वीआईपी गेट है तो क्या, सबके लिए खुले
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर छात्रनेताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने वीआईपी गेट को सभी के लिए खोलने की मांग की। कहा कि विश्वविद्यालय में भेदभाव नहीं होना चाहिए। यहां सभी एक समान हैं। उन्होंने वीआईपी गेट पर अपना ताला जड़ दिया। छात्रनेताओं ने इसे विश्वविद्यालय प्रशासन का तुगलकी फरमान बताया।
प्रदर्शन कर रहे मुख्य नियंता प्रोफेसर सतीश पांडेय और विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज ने छात्रों को समझा बुझाकर उन्हें शांत कराया। उनसे कहा गया कि सक्षम अधिकारियों से वार्ता करेंगे। इस आश्वासन पर छात्र माने और गेट पर लगा ताला खुलवाया। छात्रनेता मनीष ओझा ने कहा कि मुख्य नियंता के आश्वासन पर हम अपना धरना-प्रदर्शन खत्म कर रहे हैं।
दो दिनों में कुलपति ने हमारी मांगों पर विचार नहीं किया तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में नारायण दत्त पाठक, प्रतीक त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, भास्कर चौधरी, सत्यम, प्रकर्ष पांडेय, शुभम गौड़ आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर छात्रनेताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने वीआईपी गेट को सभी के लिए खोलने की मांग की। कहा कि विश्वविद्यालय में भेदभाव नहीं होना चाहिए। यहां सभी एक समान हैं। उन्होंने वीआईपी गेट पर अपना ताला जड़ दिया। छात्रनेताओं ने इसे विश्वविद्यालय प्रशासन का तुगलकी फरमान बताया।
प्रदर्शन कर रहे मुख्य नियंता प्रोफेसर सतीश पांडेय और विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज ने छात्रों को समझा बुझाकर उन्हें शांत कराया। उनसे कहा गया कि सक्षम अधिकारियों से वार्ता करेंगे। इस आश्वासन पर छात्र माने और गेट पर लगा ताला खुलवाया। छात्रनेता मनीष ओझा ने कहा कि मुख्य नियंता के आश्वासन पर हम अपना धरना-प्रदर्शन खत्म कर रहे हैं।
विज्ञापन
दो दिनों में कुलपति ने हमारी मांगों पर विचार नहीं किया तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में नारायण दत्त पाठक, प्रतीक त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, भास्कर चौधरी, सत्यम, प्रकर्ष पांडेय, शुभम गौड़ आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन