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भारत-नेपाल सीमा: नेटवर्क की तलाश में नेपाल जा रहे विद्यार्थी, पड़ोसी मुल्क के गांवों में बेहतर हो गई सुविधा

Wed, 13 Oct 2021 06:13 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर।
अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 13 Oct 2021 06:13 PM IST
सार

भारत-नेपाल सीमा पर अच्छा नहीं है मोबाइल नेटवर्क, नेटवर्क की तलाश में नेपाल जा रहे विद्यार्थी।

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Students going to Nepal in search of network
भारत-नेपाल सीमा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

नेपाल के सीमाई इलाकों में दस से अधिक निजी कंपनियों के वाईफाई प्लान से नेटवर्क बेहतर होता जा रहा है। यहीं कारण है कि भारत-नेपाल सीमा पर बने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थी बेहतर नेटवर्क के लिए नेपाल के गांवों में पहुंच रहे हैं। वहां पहुंचने के बाद उन्हें मैटर सर्च करने में सुविधा होती है।

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भारत-नेपाल सीमा के करीब 10-12 किमी क्षेत्रों में बीएसएनएल एवं अन्य निजी कंपनियों की इंटरनेट कनेक्टिविटी बहुत कमजोर है। उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं को कुछ नया सर्च करने में कमजोर नेटवर्क से बाधा उत्पन्न हो रही है। इस कारण कुछ विद्यार्थी नेपाल में जाकर सर्चिंग करते हैं। नेपाल में जाने के बाद वह किसी से वाईफाई का पासवार्ड मांगकर अपना कार्य करते हैं।
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नेपाल के गांवों में लगे खंभे पर वाईफाई कनेक्शन से इंटरनेट सुविधा बेहतर रहती है। लोग अपनी जरूरत के अनुसार प्लान का इस्तेमाल कर रहे हैं। नेपाल में इंटरनेट सेवा ज्यादा अच्दी हो गई है, जबकि भारतीय सीमा में इंटरनेट की कमजोरी दूर नहीं हो पा रही है। कपिलवस्तु जिला के दूर संचार कार्यालय प्रमुख साधुशरण चाई ने बताया कि दस से अधिक कंपनियां नेपाल में वाईफाई की सुविधा दे रही है, इससे लोगों को फायदा मिल रहा है।

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दो किमी बाद ही मिलने लगता है नेटवर्क

प्रियंका ने कहा कि अलीगढ़वा बॉर्डर के पास चाकर चौड़ा में नेटवर्क अच्छा मिलने लगता है, जबकि अलीगढ़वा में बात करने में ही नेटवर्क जवाब देने लगता है। अभिषेक ने कहा कि कई सिम बदलने के बावजूद भारतीय सीमा में नेटवर्क की सुविधा नहीं मिल पाती है। दिव्या कसौधन का कहना है कि वह अपनी सहेलियों के साथ चाकरचौड़ा में इंटरनेट की सुविधा के लिए जाती हैं, लेकिन बार-बार जाना संभव नहीं हो पाता है।

छवि कसौधन ने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में इंटरनेट की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। जब इंटरनेट कमजोर होता है, तब तक नेपाल में हम लोग जाते हैं। मुस्कान एवं पुरवी ने कहा कि उच्च शिक्षा में इंटरनेट की भूमिका महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय की शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर है। इंटरनेट की सुविधा मिलेगी तो सर्चिंग में सुविधा मिलेगी।

कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव ने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में इंटरनेट की सुविधा बेहतर करने का प्रयास जारी है। कुछ दिन बाद ही कैंपस में वाईफाई की सुविधा अच्छी हो जाएगी। उच्च शिक्षा में इंटरनेट की सुविधा आवश्यक है।

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