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अभाविप का प्रदर्शन: प्रदर्शन-हंगामे के बाद पेड़ों की कटाई पर रोक, जांच के आदेश- कुलपति ने बनाई जांच समिति

Sat, 16 May 2026 02:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 16 May 2026 02:06 AM IST
सार

कुलपति को सौंपे गए पांच सूत्रीय ज्ञापन में अभाविप ने मांग की कि पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। इससे संबंधित सभी आदेश, अनुमतियां एवं दस्तावेज तत्काल सार्वजनिक किए जाएं व पूरे प्रकरण की न्यायिक या उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। परिषद ने नियमों के विरुद्ध आदेश जारी करने एवं पूरी प्रक्रिया संचालित करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की भी मांग उठाई।

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In DDU Gorakhpur, Protests Halt Tree Cutting, Investigation Ordered by University
गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करते अभाविप के कार्यकर्ता।

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पेड़ों की कटाई का मामला लगातार गरमाता देख इस पर रोक लगा दी गई है। मामले की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। छात्र संगठनों के लगातार धरना-प्रदर्शन और तय से अधिक पेड़ काटे जाने के आरोपों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

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अभाविप की ओर से शुक्रवार को प्रदर्शन के बाद कुलपति के आग्रह पर वन विभाग ने जांच पूरी होने तक रोक का आदेश जारी कर दिया। अभाविप, एनएसयूआई और समाजवादी छात्रसभा समेत विभिन्न छात्र संगठन और छात्रनेता बुधवार से ही इस मामले को लेकर आंदोलन कर रहे थे।

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परिसर में 2000 से अधिक पेड़ काटे जाने के आरोप लग रहे थे। शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मामले को लेकर डीडीयू के प्रशासनिक भवन पर हल्ला बोल दिया। करीब तीन घंटे तक अभाविप ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को देखते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन धरना स्थल पर पहुंचीं।

कुलपति को सौंपे गए पांच सूत्रीय ज्ञापन में अभाविप ने मांग की कि पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। इससे संबंधित सभी आदेश, अनुमतियां एवं दस्तावेज तत्काल सार्वजनिक किए जाएं व पूरे प्रकरण की न्यायिक या उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

परिषद ने नियमों के विरुद्ध आदेश जारी करने एवं पूरी प्रक्रिया संचालित करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की भी मांग उठाई। साथ ही परिसर में व्यापक स्तर पर पौधरोपण कर पर्यावरणीय क्षति की भरपाई सुनिश्चित करने की भी मांग की।

अभाविप के डीडीयू इकाई के मंत्री अरविंद मिश्र ने कहा कि परिसर में 1192 पेड़ों की कटाई का आदेश न केवल पर्यावरण संरक्षण की भावना के विपरीत है बल्कि विश्वविद्यालय की प्राकृतिक पहचान एवं पारिस्थितिक संतुलन पर भी सीधा आघात है।
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अभाविप कार्यकर्ताओं में वन विभाग के प्रति भी गहरा आक्रोश देखने को मिला। आरोप लगाया कि इस मामले को लेकर अभाविप के कार्यकर्ताओं ने मंडल वन अधिकारी से भी मुलाकात की लेकिन वन विभाग ने संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं तत्परता नहीं दिखाई।

अभाविप की मांग को देखते हुए डीडीयू प्रशासन ने वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलवाया। कुलपति के अनुरोध पर वन विभाग के अधिकारी विश्वविद्यालय में पहुंचे। वन विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, छात्र मौखिक रूप से कह रहे थे कि परिसर में 2000 से अधिक पेड़ कट चुके हैं।

मौके पर कुलपति ने जांच का आश्वासन दिया। इसके साथ ही वन विभाग से इसके लिए आग्रह किया। इसके बाद क्षेत्रीय वनाधिकारी एवं उप प्रभागीय वनाधिकारी के आदेश पर अग्रिम आदेशों तक पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी गई।

प्रदर्शन करने वालों में अभाविप गोरक्ष प्रांत सह मंत्री निखिल गुप्ता, धीरेंद्र, आकाश सिंह, अमरेंद्र पांडेय, राजवर्धन, अभिषेक मौर्या, प्रशांत, प्रीतेश राय, समीर, विपुल अनुराग, विनय चौरसिया आदि शामिल रहे।
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