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गोरखपुर: सेमी कंडक्टर की शॉर्टेज ने लंबा किया अपनी कार का इंतजार, बुकिंग के बाद तीन से चार महीने तक की वेटिंग
Wed, 10 Nov 2021 11:14 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 10 Nov 2021 11:14 AM IST
सार
धनतेरस के दिन गोरखपुर में जहां टू-व्हीलर की बिक्री चार हजार से ज्यादा हुई थी, वहीं फोर-व्हीलर वाहन भी तकरीबन 750 से 800 की संख्या में बिके। लेकिन अब स्थिति यह हो गई है कि अपने सपने की कार को घर लाने के लिए लोगों को बुकिंग के बाद भी तीन से चार महीने तक इंतजार करने को कहा जा रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सेमी कंडक्टर चिप की कमी से गोरखपुर शहरवासियों का अपनी कार का इंतजार लंबा हो गया है। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारों का उत्पादन सीमित होने की वजह से स्थिति यह है शहर की तकरीबन हरेक ऑटोमोबाइल एजेंसी में कार का स्टॉक जीरो हो गया है। इसकी वजह से गाड़ियों के लिए बुकिंग के बाद तीन से चार महीने तक इंतजार करना पड़ेगा।
धनतेरस के दिन गोरखपुर में जहां टू-व्हीलर की बिक्री चार हजार से ज्यादा हुई थी, वहीं फोर-व्हीलर वाहन भी तकरीबन 750 से 800 की संख्या में बिके। लेकिन अब स्थिति यह हो गई है कि अपने सपने की कार को घर लाने के लिए लोगों को बुकिंग के बाद भी तीन से चार महीने तक इंतजार करने को कहा जा रहा है। इसकी मुख्य वजह यह है कि कंपनियां पर्याप्त संख्या में गाड़ियों का उत्पादन नहीं कर पा रहीं हैं।
ऑर्बिट ऑटोमोबाइल के एमडी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि पिछले एक साल से देश में कोविड-19 की वजह से जो हालत रहे हैं उनके चलते सेमी कंडक्टर्स का उत्पादन भी काफी घट गया है, जिसकी वजह से वाहन कंपनियों तक इनकी पूरी सप्लाई नहीं हो पा रही है। सेमी कंडक्टर की सप्लाई घटने से ऑटो इंडस्ट्री अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही है जिसकी वजह से उत्पादन की गति धीमी पड़ गई है। इस वजह से गोरखपुर में गाड़ियों की सप्लाई काफी कम हो गई है। आज की तारीख में स्टॉक पूरी तरह से जीरो है। ऐसे में बुकिंग के बाद लोगों को गाड़ियों के लिए लंबा इंतजार करना होगा।
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बीआर हुंडई के एमडी धीरज दास ने बताया कि गाड़ियों का स्टॉक शून्य हो गया है। कुछ मॉडलों को छोड़ दें तो तकरीबन सभी गाड़ियों की वेटिंग चल रही है। कंपनियों के द्वारा टॉप मॉडल गाड़ियों की आपूर्ति मांग की तुलना में काफी कम की जा रही है। स्पष्ट तौर पर तो कहा नहीं जा सकता, लेकिन इस बात की पूरी आशंका है कि बुकिंग कराने के बाद लोगों को अपने सपने की कार को पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। यह सब गाड़ियों के उत्पादन में कमी की वजह से हो रहा है। सेमी कंडक्टर की कमी की वजह से कंपनियां गाड़ियों का काफी कम उत्पादन कर रही हैं।
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धनतेरस के दिन गोरखपुर में जहां टू-व्हीलर की बिक्री चार हजार से ज्यादा हुई थी, वहीं फोर-व्हीलर वाहन भी तकरीबन 750 से 800 की संख्या में बिके। लेकिन अब स्थिति यह हो गई है कि अपने सपने की कार को घर लाने के लिए लोगों को बुकिंग के बाद भी तीन से चार महीने तक इंतजार करने को कहा जा रहा है। इसकी मुख्य वजह यह है कि कंपनियां पर्याप्त संख्या में गाड़ियों का उत्पादन नहीं कर पा रहीं हैं।
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ऑर्बिट ऑटोमोबाइल के एमडी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि पिछले एक साल से देश में कोविड-19 की वजह से जो हालत रहे हैं उनके चलते सेमी कंडक्टर्स का उत्पादन भी काफी घट गया है, जिसकी वजह से वाहन कंपनियों तक इनकी पूरी सप्लाई नहीं हो पा रही है। सेमी कंडक्टर की सप्लाई घटने से ऑटो इंडस्ट्री अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही है जिसकी वजह से उत्पादन की गति धीमी पड़ गई है। इस वजह से गोरखपुर में गाड़ियों की सप्लाई काफी कम हो गई है। आज की तारीख में स्टॉक पूरी तरह से जीरो है। ऐसे में बुकिंग के बाद लोगों को गाड़ियों के लिए लंबा इंतजार करना होगा।
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बीआर हुंडई के एमडी धीरज दास ने बताया कि गाड़ियों का स्टॉक शून्य हो गया है। कुछ मॉडलों को छोड़ दें तो तकरीबन सभी गाड़ियों की वेटिंग चल रही है। कंपनियों के द्वारा टॉप मॉडल गाड़ियों की आपूर्ति मांग की तुलना में काफी कम की जा रही है। स्पष्ट तौर पर तो कहा नहीं जा सकता, लेकिन इस बात की पूरी आशंका है कि बुकिंग कराने के बाद लोगों को अपने सपने की कार को पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। यह सब गाड़ियों के उत्पादन में कमी की वजह से हो रहा है। सेमी कंडक्टर की कमी की वजह से कंपनियां गाड़ियों का काफी कम उत्पादन कर रही हैं।
कारों की इलेक्ट्रॉनिक सर्किट तैयार करने में इस्तेमाल होता है सेमी कंडक्टर
आजकल की कारें काफी हाईटेक तकनीक से लैस होती हैं। कारों में इन तकनीक के पीछे सेमी कंडक्टर की मुख्य भूमिका होती है। कारों में सेमी कंडक्टर का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक सर्किट को तैयार करने और फीचर्स को आसान बनाने के लिए किया जाता है।
सेमी कंडक्टर है कारों की प्राणवायु
नाइलेट के डायरेक्टर एकेडी द्विवेदी ने बताया कि सेमी कंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक चिप होती हैं। इन्हें सिलिकॉन से बनाया जाता है। ये कारों के इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में करंट को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इनके बिना आज कारों की कल्पना ही नहीं की जा सकती। एक तरह से सेमी कंडक्टर कारों की प्राणवायु है। मौजूदा समय में बाजार में जितनी भी कारें उपलब्ध हैं, सभी में सेमी कंडक्टर का इस्तेमाल किया जाता है। इनके बिना कारों को हाईटेक नहीं बनाया जा सकता।
डिस्प्ले पैनल से लेकर पावर स्टीयरिंग तक में होता है इस्तेमाल
एकेडी द्विवेदी ने बताया कि कारों में डिस्प्ले पैनल, नेविगेशन, लाइट, पावर स्टीयरिंग और लगभग सभी ऑटोमैटिक फीचर्स में सेमी कंडक्टर का इस्तेमाल किया जाता है। उत्पादन कम होने से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में सेमी कंडक्टर की भारी कमी हो गई है, इसलिए कारों का उत्पादन पूरी क्षमता से नहीं हो पा रहा है।
सुरक्षित सफर के लिए अब कारों को प्राथमिकता
सुरक्षित सफर के लिए अब लोग चार पहिया वाहनों को प्राथमिकता देने लगे हैं। मारुति ट्रू-वैल्यू के अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों की तुलना में अब सेकेंड हैंड गाड़ियों की खरीद में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई है। यहां तक कि धनतेरस, दीपावली में भी लोगों ने ट्रू-वैल्यू से काफी संख्या में गाड़ियां खरीदीं।
सेमी कंडक्टर है कारों की प्राणवायु
नाइलेट के डायरेक्टर एकेडी द्विवेदी ने बताया कि सेमी कंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक चिप होती हैं। इन्हें सिलिकॉन से बनाया जाता है। ये कारों के इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में करंट को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इनके बिना आज कारों की कल्पना ही नहीं की जा सकती। एक तरह से सेमी कंडक्टर कारों की प्राणवायु है। मौजूदा समय में बाजार में जितनी भी कारें उपलब्ध हैं, सभी में सेमी कंडक्टर का इस्तेमाल किया जाता है। इनके बिना कारों को हाईटेक नहीं बनाया जा सकता।
डिस्प्ले पैनल से लेकर पावर स्टीयरिंग तक में होता है इस्तेमाल
एकेडी द्विवेदी ने बताया कि कारों में डिस्प्ले पैनल, नेविगेशन, लाइट, पावर स्टीयरिंग और लगभग सभी ऑटोमैटिक फीचर्स में सेमी कंडक्टर का इस्तेमाल किया जाता है। उत्पादन कम होने से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में सेमी कंडक्टर की भारी कमी हो गई है, इसलिए कारों का उत्पादन पूरी क्षमता से नहीं हो पा रहा है।
सुरक्षित सफर के लिए अब कारों को प्राथमिकता
सुरक्षित सफर के लिए अब लोग चार पहिया वाहनों को प्राथमिकता देने लगे हैं। मारुति ट्रू-वैल्यू के अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों की तुलना में अब सेकेंड हैंड गाड़ियों की खरीद में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई है। यहां तक कि धनतेरस, दीपावली में भी लोगों ने ट्रू-वैल्यू से काफी संख्या में गाड़ियां खरीदीं।