BRD Gorakhpur: प्राचार्य बोले, बीआरडी में खूब विकास हुआ, मुख्य सचिव ने कहा- दिखाइए
प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने बीआरडी का निरीक्षण किया। 100 बेड वाले इंसेफेलाइटिस वार्ड, हाई डिफेंसिव यूनिट वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदारों से व्यवस्था पूछी।
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प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा बुधवार को निरीक्षण के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार बोले उठे कि पांच साल में खूब विकास हुआ है। इस पर मुख्य सचिव ने कहा, चलिए दिखाइए।
मुख्य सचिव अधिकारियों के साथ 100 बेड वाले इंसेफेलाइटिस वार्ड पहुंचे। तीमारदारों से व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। दूसरी मंजिल पर हाई डिफेंसिव यूनिट (एचडीयू) गए। इंसेफेलाटिस के नियंत्रण, बचाव और जागरूकता को लेकर बैठक की। समीक्षा के बाद बाहर निकले तो बोले कि मेडिकल कॉलेज में ‘आल इज वेल’ है।
मुख्य सचिव बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बुधवार शाम करीब चार बजे पहुंचे। 100 बेड वाले इंसेफेलाइटिस वार्ड के पीडियाट्रिक इमरजेंसी में भर्ती बस्ती के लालगंज निवासी काजल के पास गए। डॉक्टरों ने बताया कि इंसेफेलाइटिस जैसे मिलते-जुलते लक्षण हैं, लेकिन मरीज को सेरेब्रल पल्सी नाम की बीमारी है।
इसके बाद वह इंसेफेलाइटिस वार्ड के दूसरी मंजिल पर स्थित एचडीयू वार्ड में भर्ती गौरीबाजार निवासी अलीना और कुसम्ही बाजार के विवेक से मिले। दोनों को एईएस है। उनके परिजनों से इलाज के बारे में जानकारी ली, परिजनों ने संतुष्टि जताई। इस दौरान उनके साथ अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, अपर मुख्य सचिव वन व निमहंस बंगलुरू के न्यूरोवायरोलॉजी की विभागाध्यक्ष प्रो. अनीता देसाई मौजूद रहीं।
आरएमआरसी की लैब और भवन देख हुए खुश
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा आरएमआरसी पहुंचे तो निदेशक डॉ. रजनीकांत ने भवन का निरीक्षण कराया। भवन और लैब को देखकर बेहद खुश हुए। निदेशक उन्हें जिनोम सिक्वेंसिंग लैब भी ले गए। बताया गया कि लैब में ट्रॉयल शुरू हो गया है। जल्द ही जीनोम सीक्वेंसिं सहित अन्य जांचें भी शुरू हो जाएंगी।
सभी विभागों से समन्वय स्थापित कर इंसेफेलाइटिस को करें खत्म
निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने बैठक की। प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार और सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने जेई व एईएस के रोकथाम के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी। बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी में लगातार सुविधाओं की बढ़ोतरी की जा रही है। सीएचसी पर इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर (ईटीसी) बनाए गए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि मरीजों को कोई भी समस्या नहीं होनी चाहिए। सभी विभागों से समन्वय बनाकर जेई और एईएस पूरी तरह से खत्म करना है। इसके बाद उन्होंने कैंपस में पौधरोपण भी किया। बैठक में कमिश्नर रवि कुमार एनजी, जिलाधिकारी विजय किरन आनंद भी मौजूद रहे।