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Gorakhpur News: ऑटोमेटिक रेन गेज लगाने के लिए शुरू हुआ सर्वे
Sat, 16 Sep 2023 01:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 16 Sep 2023 01:38 AM IST
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जिले के 20 ब्लाॅकों में 40 जगहों पर लगेंगे ऑटोमेटिक रेन गेज
चयनित स्थलों का सर्वे करके शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिले में सदर तहसील परिसर सहित अन्य 40 जगहों पर नए ऑटोमेटिक रेन गेज लगाने के लिए मौसम वैज्ञानिक और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों ने सर्वे किया। कुल 20 ब्लाॅकों में 40 रेन गेज स्थापित करने के लिए 80 स्थानों का चयन करके शासन को सूची भेजी गई थी। सात जगहों को ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन के लिए चुना गया है।
जिले में तहसीलों के भीतर लगे पारंपरिक यंत्रों के जरिए वर्षा का निर्धारण किया जाता है। जबकि मौसम की सटीक जानकारी के लिए मौसम विभाग पर निर्भर रहना पड़ता है। तहसील कार्यालय की छत पर लगा मौसम विभाग के ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन का सेंसर कौओं की बीट के कारण खराब हो गया है। उसकी चिप भी नहीं मिल पा रही। जबकि जिले भर से मौसम का डाटा जुटाने में भी जिला प्रशासन को दिक्कत होती है। इस समस्या के समाधान के लिए जिले के कुल 20 ब्लाॅकों 40 नए वेदर स्टेशन बनाए जाएंगे। सात जगहों पर ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन बनेंगे।
शुक्रवार को सहायक मौसम वैज्ञानिक प्रदीप पटेल, जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता सहित टीम ने तहसील सदर, सहजनवा और खजनी क्षेत्र में स्थलों का सर्वे किया। इनमें अधिकांश स्थानों पर उपकरण लगाए जाने पर सहायक मौसम वैज्ञानिक ने सहमति जताई। दो दिनों में पूरे जिले का सर्वे करके रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। इसके बाद नए उपकरणों के संबंध में प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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चयनित स्थलों का सर्वे करके शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिले में सदर तहसील परिसर सहित अन्य 40 जगहों पर नए ऑटोमेटिक रेन गेज लगाने के लिए मौसम वैज्ञानिक और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों ने सर्वे किया। कुल 20 ब्लाॅकों में 40 रेन गेज स्थापित करने के लिए 80 स्थानों का चयन करके शासन को सूची भेजी गई थी। सात जगहों को ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन के लिए चुना गया है।
जिले में तहसीलों के भीतर लगे पारंपरिक यंत्रों के जरिए वर्षा का निर्धारण किया जाता है। जबकि मौसम की सटीक जानकारी के लिए मौसम विभाग पर निर्भर रहना पड़ता है। तहसील कार्यालय की छत पर लगा मौसम विभाग के ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन का सेंसर कौओं की बीट के कारण खराब हो गया है। उसकी चिप भी नहीं मिल पा रही। जबकि जिले भर से मौसम का डाटा जुटाने में भी जिला प्रशासन को दिक्कत होती है। इस समस्या के समाधान के लिए जिले के कुल 20 ब्लाॅकों 40 नए वेदर स्टेशन बनाए जाएंगे। सात जगहों पर ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन बनेंगे।
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शुक्रवार को सहायक मौसम वैज्ञानिक प्रदीप पटेल, जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता सहित टीम ने तहसील सदर, सहजनवा और खजनी क्षेत्र में स्थलों का सर्वे किया। इनमें अधिकांश स्थानों पर उपकरण लगाए जाने पर सहायक मौसम वैज्ञानिक ने सहमति जताई। दो दिनों में पूरे जिले का सर्वे करके रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। इसके बाद नए उपकरणों के संबंध में प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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