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Gorakhpur News: 3 साल की जांची जा रही स्टांप, छह माह का भेजा गया रिकॉर्ड- करोड़ों रुपये के घोटाले का है अंदेशा

Sun, 05 May 2024 11:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 05 May 2024 11:18 AM IST
सार

पॉवर ऑफ अटार्नी में स्टांप ड्यूटी चोरी की जांच में कुछ और मामले पकड़ में आए हैं। जनवरी से अप्रैल तक की जांच में 18 पॉवर ऑफ अटार्नी में करीब 200 करोड़ की चोरी पकड़ी गई है। इन मामलों में निबंधन कार्यालय की ओर से भारतीय स्टांप अधिनियम की धारा 47 के तहत केस दर्ज करा दिया गया है। अब डीएम और एडीएम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

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Stamp of three years is being checked, record of six months sent in Gorakhupr stamp ghotala
फर्जी स्टांप। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फर्जी स्टांप के सिंडिकेट का खुलासा होने के बाद शासन से आए निर्देशों को संज्ञान में लेते हुए निबंधन कार्यालय में तीन साल में इस्तेमाल हुए स्टांप की जांच तेज हो गई है। सदर तहसील में छह माह के दस्तावेजों के रिकॉर्ड को ट्रेजरी दफ्तर भेज दिया गया है। वहीं, अन्य तहसीलाें स्थित उप निबंधन कार्यालय से तीन-तीन महीने का बंडल बनाकर ट्रेजरी दफ्तर में भेजने का निर्देश दिया गया है।
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पुलिस ने फर्जी स्टांप के मामले में पिछले महीने सात लोगों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से एक करोड़ 52 हजार 30 रुपये के नकली स्टांप के अलावा छपाई मशीन, यूपी और बिहार के गैर-न्यायिक स्टांप, एक लैपटॉप, सौ हजार 30 रुपये के नकली स्टांप, पेपर कटर मशीन और डेवलेपर पेपर बरामद हुए थे। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए शासन ने स्टांप की जांच के निर्देश दिए थे।
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एआईजी स्टांप प्रदीप राणा ने इसके बाद सभी निबंधन कार्यालयों से तीन साल में हुए स्टांप के प्रयोग की जानकारी मांगी और स्टांप को ट्रेजरी दफ्तर भेजने का निर्देश दिया था। अब स्टांप को रिकॉर्ड से निकालकर भेजा जाने लगा है। माना जा रहा है कि वसीयत और अदालती कामकाज में स्टांप का प्रयोग किया गया है। हालांकि, तीन साल का रिकॉर्ड बहुत ज्यादा है, इसकी जांच में ही लंबा समय लग जाएगा।
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एआईजी स्टांप प्रदीप राणा ने बताया कि तीन साल के स्टांप की जांच कराई जा रही है। छह माह का रिकॉर्ड भेज दिया गया है। बाकी सभी उप निबंधन कार्यालय से स्टांप मंगाए जा रहे हैं। जांच के बाद पता चल सकेगा कि फर्जी स्टांप का उपयोग हुआ है या नहीं। रिकॉर्ड में स्टांप किस वेंडर से कब लिया गया है, यह भी जानकारी ली जा रही है।

Stamp of three years is being checked, record of six months sent in Gorakhupr stamp ghotala
पिछले दिनों स्टांप के धंधेबाजों के पास से बरामद फर्जी स्टांप और छपाई मशीन। - फोटो : अमर उजाला

18 पाॅवर ऑफ अटार्नी में पकड़ी गई है 200 करोड़ से ज्यादा स्टांप की चोरी
पॉवर ऑफ अटार्नी में स्टांप ड्यूटी चोरी की जांच में कुछ और मामले पकड़ में आए हैं। जनवरी से अप्रैल तक की जांच में 18 पॉवर ऑफ अटार्नी में करीब 200 करोड़ की चोरी पकड़ी गई है। इन मामलों में निबंधन कार्यालय की ओर से भारतीय स्टांप अधिनियम की धारा 47 के तहत केस दर्ज करा दिया गया है। अब डीएम और एडीएम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

पॉवर ऑफ अटार्नी को लेकर शासन ने 28 दिसंबर 2023 को संशोधित अध्यादेश लागू कर दिया। इसमें खून के रिश्ते को छोड़कर अन्य पॉवर ऑफ अटार्नी में सर्किल रेट के हिसाब से स्टांप ड्यूटी शुल्क लेने का नियम बनाया गया, लेकिन इस अध्यादेश को ऑनलाइन कर दिया गया।

हालांकि निबंधन कार्यालय में आदेश देर से पहुंचा। तिकमड़बाजों ने इसी का फायदा उठाकर डीड में पुराने स्टांप डयूटी के नियम के आधार पर पॉवर ऑफ अटार्नी करा लिया और करोड़ों की चोरी कर ली।

जानकारी के मुताबिक, निबंधन कार्यालय प्रथम में आठ और द्वितीय में सात मामले पकड़े गए हैं। जबकि तीन मामले तहसील स्थित निबंधन कार्यालय के हैं। सबसे बड़ा मामला करीब 100 करोड़ के स्टांप ड्यूटी का खेल पकड़ा गया। मामला नेपाल के थापा परिवार से जुड़ा है, जो आजादी के पहले गोरखपुर में रहता था।

उनकी करीब 9.37 हेक्टेयर जमीन और एक कोठी का इलाहाबाद के रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की फर्म ने पॉवर ऑफ अटार्नी के जरिए विक्रय का अधिकार लिया। इसी तरह एक फर्म ने 84-84 लाख की कर चोरी कर दी डीड करवा ली। बाकी मामले चार से पांच लाख तक के ही हैं।

एआईजी स्टांप प्रदीप राणा ने बताया कि 18 पॉवर ऑफ अटार्नी के पकड़े गए हैं, जिसमें स्टांप ड्यूटी शुल्क की चोरी की गई है। सभी मामलों में केस दर्ज करा दिया गया है। नए अध्यादेश के लागू होने के बाद डीड फाइनल हुई है इसलिए उसी के अनुसार स्टांप लगाना पड़ेगा।

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