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पुलिस ऑफिस के बाबू की करतूत: 105 दरोगाओं को बनाया है दो साल जूनियर, ऐसे हुआ खुलासा

Sat, 05 Jun 2021 09:02 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 05 Jun 2021 09:02 PM IST
सार

39 दरोगाओं को एक साल जूनियर बनाए जाने की जांच होने पर उजागर हुआ मामला, एसएसपी ने मामले की जांच सीओ एलआईयू को।

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ssp office clerk asked bribe from sub inspectors in gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock

विस्तार

पुलिस आफिस के बाबू की मनमानी से जूनियर हुए दरोगाओं की संख्या 39 नहीं बल्कि 105 है। 39 दरोगाओं को एक साल जूनियर किए जाने की जांच में यह तथ्य सामने आया है। इनके साथ ट्रेनिंग करने वाले जिन दरोगाओं ने दूसरे जिलों में आमद की थी वह सब सीनियर हो गए हैं। इनमें से कुछ दरोगा जब ट्रांसफर पर गोरखपुर आए तब साथियों को पता चला तो उन्होंने पूर्व कप्तान से शिकायत की थी। मामला उजागर होने पर एसएसपी ने प्रकरण की जांच सीओ एलआईयू को सौंपी है।
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जानकारी के मुताबिक, जब दरोगाओं ने शिकायत की थी तो बाबुओं ने हेड क्वाटर से पत्राचार का हवाला देकर उन्हें घुमा दिया था और जूनियर से सीनियर बनाने के लिए पैसे की मांग कर दी थी। अब एक बार फिर जब यह जिन्न बाहर निकला है तब एसएसपी ने जांच शुरू करा दी है।
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मेडिकल कालेज चौकी इंचार्ज गौरव कन्नौजिया, ट्रांसपोर्ट नगर चौकी इंचार्ज अवधेश मिश्र, सूर्य विहार चौकी इंचार्ज विकास सिंह, खोराबार थाने में तैनात रविसेन यादव सहित कई ऐसे दारोगा हैं, जिन्होंने 2015 में ट्रेनिंग की और अन्य जिलों में आमद किए। उन्हें 2015 बैच का पीएनओ एलाट हुआ, जबकि उन्हीं के साथ ट्रेनिंग करने वाले सर्वेश राय, दीपक सिंह, मनीष यादव, अखिलेश कुमार, घनश्याम सिंह यादव, बबलू सोनकर, धीरेन्द्र राय, विशाल उपाध्याय आदि दरोगाओं को गोरखपुर जिला मिला तो वे अपने साथियों से दो साल जूनियर हो गए।
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एक साथ ट्रेनिंग लेकिन नौकरी में एक साल पीछे

गोरखपुर की नौसढ़ चौकी इंचार्ज अनूप कुमार तिवारी भी 2017 बैच के दरोगा हैं। ट्रेनिंग के बाद उन्होंने देवरिया जिले में आमद कराया था। उन्हें 2017 का बैच मिला, जबकि रिजवान अहमद, विजय यादव, अखिलेश त्रिपाठी, अरुण सिंह, रवि राय, धमेंद्र चौबे और रविंद्रनाथ चौबे सहित 39 दरोगाओं ने ट्रेनिंग के बाद गोरखपुर जिले में आमद कराया। उन्हें 2018 का बैच पीएनओ जारी किया गया।

सीओ ने शुरू की जांच
एसएसपी का आदेश मिलते ही सीओ एलआईयू ने जांच शुरू कर दी है। शनिवार को सीओ ने कुछ दरोगाओं का बयान लिया है। सीओ एलआईयू ने बताया कि स्वत: संज्ञान के आधार पर जांच की जा रही है। अगर कोई दरोगा शिकायत करता है तो उसे जांच में शामिल किया जाएगा। उधर, एसएसपी ने मुख्यालय को पत्र लिखकर भी जानकारी मांगी गई है।

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