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खगोलीय घटना: पश्चिमी क्षितिज पर दिखेगा खगोलीय करिश्मा, शुक्र के साथ दिखेंगे स्पाइका और रेगुलस
Tue, 04 Aug 2026 02:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 04 Aug 2026 02:45 AM IST
सार
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, इस खगोलीय घटना को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी आकाश में शुक्र ग्रह सबसे पहले अपनी तेज चमक के कारण नजर आएगा।
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मंगलवार को आसमान में इस प्रकार दिखेंगे चन्द्रमा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए मंगलवार की शाम बेहद खास रहने वाली है। सूर्यास्त के बाद पश्चिमी क्षितिज पर सौर मंडल का सबसे चमकीला ग्रह शुक्र, कन्या तारामंडल के प्रमुख तारे स्पाइका और सिंह तारामंडल के सबसे चमकीले तारे रेगुलस के साथ एक दुर्लभ और आकर्षक दृश्य संयोजन बनाता दिखाई देगा।
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वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, इस खगोलीय घटना को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी आकाश में शुक्र ग्रह सबसे पहले अपनी तेज चमक के कारण नजर आएगा। उसके आसपास स्पाइका और रेगुलस तारे एक सुंदर ज्यामितीय विन्यास बनाते दिखाई देंगे।
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यदि मौसम साफ रहा तो यह दृश्य शहर की तेज रोशनी से दूर खुले स्थान से स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। दूरबीन का उपयोग करने पर तीनों खगोलीय पिंडों का दृश्य और अधिक आकर्षक दिखाई देगा। ऐसे अवसर अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ रात के आकाश को वैज्ञानिक दृष्टि से समझने का भी अवसर प्रदान करते हैं।
इस समय दिखेगा यह नजारा
खगोलविद के अनुसार, रेगुलस करीब शाम 7:30 बजे, शुक्र ग्रह करीब 8:45 बजे व स्पाइका लगभग रात 10 बजे पश्चिमी क्षितिज के नीचे अस्त होंगे। इसलिए इस दुर्लभ खगोलीय घटना का सबसे अच्छा अवलोकन सूर्यास्त के तुरंत बाद से शुरुआती शाम तक किया जा सकेगा। शुक्र, स्पाइका और रेगुलस अंतरिक्ष में एक-दूसरे से बहुत दूर स्थित हैं लेकिन पृथ्वी से देखने पर एक ही दिशा में दिखाई देने के कारण यह मनोहारी दृश्य बनता है।
खगोलविद के अनुसार, रेगुलस करीब शाम 7:30 बजे, शुक्र ग्रह करीब 8:45 बजे व स्पाइका लगभग रात 10 बजे पश्चिमी क्षितिज के नीचे अस्त होंगे। इसलिए इस दुर्लभ खगोलीय घटना का सबसे अच्छा अवलोकन सूर्यास्त के तुरंत बाद से शुरुआती शाम तक किया जा सकेगा। शुक्र, स्पाइका और रेगुलस अंतरिक्ष में एक-दूसरे से बहुत दूर स्थित हैं लेकिन पृथ्वी से देखने पर एक ही दिशा में दिखाई देने के कारण यह मनोहारी दृश्य बनता है।