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अस्पताल संचालकों की एक गलती पड़ सकती है भारी, ये पांच विशेष टीमें रख रही हैं नजर
Thu, 07 May 2020 12:48 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 07 May 2020 12:48 PM IST
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निजी अस्पतालों में इमरजेंसी के नाम पर ओपीडी चलाने वालों पर सख्ती की तैयारी है। सीएमओ ने इसकी जांच करने के लिए पांच टीमों का गठन किया है। शहर के कई अस्पतालों में इमरजेंसी की आड़ में ओपीडी चलाने और कोविड-19 के रोकथाम के मानकों का पालन न करने की शिकायत के बाद टीमों का गठन किया गया है।
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सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा, डॉ. एके प्रसाद, डॉ. एनके पांडेय, डॉ. एके पांडेय, डॉ. एसएन त्रिपाठी के नेतृत्व में बनी टीमें निजी अस्पतालों का निरीक्षण करेंगी।
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टीमें इमरजेंसी सेवा की अनुमति मिलने वाले अस्पतालों में ओपीडी संचालित होने या फिर नियमों के पालन में लापरवाही की जांच करेंगी। अगर मामला सही पाया गया तो उनकी अनुमति तत्काल निरस्त की जाएगी, जो अस्पताल बिना अनुमति के खुले मिलेंगे, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी वह अस्पताल खुले तो उनका वार्षिक पंजीकरण रद्द करते हुए उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि जिले में किसी भी अस्पताल को ओपीडी संचालन की अनुमति नहीं है। इमरजेंसी सेवाएं सरकारी अस्पतालों के अतिरिक्त आयुष्मान योजना से संबद्ध कुछ निजी अस्पतालों में ही चालू है। कुछ डायग्नोस्टिक केंद्रों को भी अनुमति दी गई है। लॉकडाउन के दौरान कोई भी एकल चिकित्सक की क्लिनिक, डेंटल क्लिनिक, नेत्र एवं ईएनटी रोग अस्पताल, चर्म रोग क्लिनिक आदि संचालित नहीं होंगे।