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स्मृति दिवस: पाक युद्ध के बाद लाल बहादुर शास्त्री की अपील पर गोरखपुर रेलवे में हुई थी खेती, उगाई गई थी ये फसल

Tue, 11 Jan 2022 12:27 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 11 Jan 2022 12:27 PM IST
सार

31 जनवरी 1966 को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने गोरखपुर का विजिट किया और गेहूं, आलू व सब्जियों को देखकर आश्चर्य चकित रह गए। गोरखपुर क्षेत्र से ही गेहूं के 800 टीले (मन) और आलू के 1000 टीले उत्पादन किया गया था।

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Special on memory day of former prime minister Lal Bahadur Shastri story
गोरखपुर में ट्रेन से नीचे उतरते पीएम लाल बहादुर शास्त्री। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

देश के दूसरे प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री का 11 जनवरी को स्मृति दिवस है। पूरा देश उन्हें शिद्दत से याद करेेगा। बहुत कम लोग जानते होंगे कि पाकिस्तान से युद्ध के बाद 1965 के अंत में जब उन्होंने ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया था तो उनकी अपील पर पूर्वोत्तर रेलवे में भी खेती शुरू की गई थी। यह खेती मुख्यालय गोरखपुर में रेलवे अफसरों के बंगले और खाली जमीन पर हुई थी।

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पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन के पास मौजूद दस्तावेजों के मुताबिक 10 अक्तूबर 1965 को तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने देश से अपील की थी कि सेना के जवानों के लिए अनाज का भंडारण बेहद जरूरी है। ऐसे में उन्होंने सभी छोटी-बड़ी सरकारी जमीनों पर अनाज व सब्जियों की खेती का सुझाव दिया।
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पूर्व प्रधानमंत्री के आह्वान पर अमल करते हुए 48 घंटे में पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने निर्णय लिया कि खाली पड़ी बड़ी जमीनों पर गेहूं और आलू तथा अफसरों के बंगले पर सब्जियों की खेती की जाएगी। पहले इसकी शुरुआत गोरखपुर में की गई। 25 नवंबर 1965 तक हर जगह खेती शुरू कर दी गई थी।
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31 जनवरी 1966 को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने गोरखपुर का विजिट किया और गेहूं, आलू व सब्जियों को देखकर आश्चर्य चकित रह गए। गोरखपुर क्षेत्र से ही गेहूं के 800 टीले (मन) और आलू के 1000 टीले उत्पादन किया गया था। इस प्रयास को पूरे देश में सराहा गया था।

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