जेल में बंदियों की निगरानी करेगा स्पेशल टास्क फोर्स, इस वजह से लगाई गई ड्यूटी
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कोरोना को लेकर जेल में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। खांसी-जुकाम के मरीजों की निगरानी के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है। वहीं ऐसे मरीजों की निगरानी भी शुरू कर दी गई है। करीब 30 मरीज सर्दी, खांसी व बुखार के सामने आए हैं जिनकी डॉक्टरों ने भी जांच शुरू कर दी है।
इसके अलावा मंगलवार को बंदियों, कैदियों, मुलाकातियों व कर्मचारियों के बीच साबुन, मास्क, सैनेटाइजर का वितरण किया गया। मुलाकातियों को भी मास्क लगाकर आने को कहा गया है। कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान मास्क लगाए रखने का आदेश भी दे दिया गया है। उन्हें भी मास्क मुहैया कराया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जेल प्रशासन ने संक्रमण से बचाव पर काम शुरू कर दिया है। जेल में गठित टीम कोरोना से बचाव के लिए बंदियों को जागरूक कर रही है। सर्दी-खांसी व बुखार से पीड़ित बंदियों का प्रतिदिन परीक्षण कर तत्काल इलाज मुहैया कराया जा रहा है। साथ ही बंदियों को सैनेटाइजर, मास्क, साबुन आदि भी दिया गया।
जेल में वर्तमान में करीब 1750 बंदी हैं। इनमें से तीस सर्दी-खांसी व बुखार से पीड़ित मिले हैं, जिन्हें इलाज मुहैया कराया जा रहा है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय टीम में जेलर प्रेमसागर शुक्ला, डिप्टी जेलर मुकेश और एक डॉक्टर शामिल हैं। मुलाकातियों को बिना मास्क के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
पहले जांच फिर जेल में इंट्री
वहीं जेल में जागरूकता का पोस्टर भी चस्पा किया गया है। बैरकों की सफाई करने, बंदियों को साफ कपड़े पहनने, रुमाल रखने, बार-बार हाथ धोने, सर्दी होने पर डॉक्टर से सलाह लेने, स्वच्छ पानी पीने को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए जगह-जगह बैनर लगाए गए हैं।
वहीं जेल में लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम से भी दिन में तीन बार जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों के दफ्तरों को भी सैनेटाइज किया जा रहा है। पेशी पर जाने वाले बंदियों के वापस लौटने पर उनकी निगरानी और मेडिकल कराया जा रहा है।
पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपितों के जेल जाने पर इंट्री से पहले सर्दी, खांसी व बुखार की जांच कर ही प्रवेश दिया जा रहा है। इन नए बंदियों को पहले चौदह दिन तक अन्य बंदियों से अलग बैरक (मिलेनियम) में रखा जा रहा है। बाद में उन्हें अंदर की बैरक में शिफ्ट किया जा रहा है।
हालांकि यह पहले से होता था मगर कोरोना का प्रकोप देखते हुए इसमें सतर्कता बढ़ा दी गई है और जेल जाने वाले लोगों के सर्दी-खांसी का इलाज किया जा रहा है। साथ ही जेल अस्पताल के डॉक्टरों की सलाह पर अन्य सावधानियां भी बरती जा रही हैं।
जेल में बंदी तैयार कर रहे कपड़े के मास्क
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी ने कहा कि स्पेशल टीम गठित कर दी गई है। सर्दी-खांसी से पीड़ित बंदियों का विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही जागरूकता फैलाई जा रही है। मुलाकातियों को भी मास्क लगाकर आने को कहा गया है। बंदियों को साबुन, मास्क आदि बांटा जा रहा है।
मास्क व ग्लव्स लगाकर अपराधियों को पकड़ रही पुलिस
जिले की पुलिस अब अपराधियों को ग्लव्स और मास्क लगाकर पकड़ रही है। साथ ही पकड़े गए आरोपित को सर्दी-खांसी आने पर पुलिस उन्हें पहले इलाज के लिए भेज दे रही है। वहीं कुछ थानों और जिले के एक विशेष अपराध टीम पाकेटमारों व छोटे मोटे केस के आरोपितों को खांसी आने पर ज्यादा देर हवालात में न रखकर उनका इलाज व मेडिकल कराकर उन्हें 34 पुलिस एक्ट में चालान कर जेल भेजवा रही है।
पुलिस का कहना है कि वह कोरोना के चलते रिस्क नहीं लेना चाहती। हवालात में विशेष कर सिर्फ बड़े अपराधियों को ही रखा जा रहा है। मेडिकल में भी चोट के साथ ही सर्दी-खांसी का परीक्षण भी किया जा रहा है। वहीं थाना, पुलिस लाइंस व पुलिस ऑफिस, व अधिकारियों के दफ्तरों के बाहर जागरूकता का पोस्टर चस्पा किया गया है।