{"_id":"65a9adc6d0cdb816c00c8764","slug":"special-care-of-animals-is-necessary-in-cold-weather-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-437598-2024-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: ठंड के मौसम में पशुओं की विशेष देखभाल जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: ठंड के मौसम में पशुओं की विशेष देखभाल जरूरी
Fri, 19 Jan 2024 04:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 19 Jan 2024 04:31 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। ठंड के मौसम में पशुपालक अपने पशुओं की देखभाल में विशेष एहतियात बरतें, ताकि दुग्ध उत्पादन पर इस मौसम का असर न पड़े। सर्दी के मौसम में यदि पशुओं के रहन-सहन और आहार का प्रबंध ठीक तरह से नहीं किया गया, तो पशु के स्वास्थ्य व दुग्ध उत्पादन की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
ये बातें पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. सतीश कुमार सिंह ने कहीं। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को चाहिए कि वह पशुओं को सर्दी से बचाने के लिए पशुशाला के दरवाजे, खिड़कियां व अन्य खुले स्थान पर रात के समय बोरी, तिरपाल या टाट लगा दें। पशुओं को ताजा व स्वच्छ पानी ही पिलाएं जो अधिक ठंडा ना हो। पशुओं को उनकी आवश्यकता अनुसार संतुलित आहार खिलाना चाहिए। साथ में 50 ग्राम खनिज मिश्रण अवश्य देना चाहिए। यदि संभव हो तो अलाव की व्यवस्था की जाए परंतु यह ध्यान रखें कि आग लगने की संभावना ना हो। पशुशाला में रात के समय आग जलाकर न छोड़ें अन्यथा दम घुटने का डर रहता है।
विज्ञापन
गोरखपुर। ठंड के मौसम में पशुपालक अपने पशुओं की देखभाल में विशेष एहतियात बरतें, ताकि दुग्ध उत्पादन पर इस मौसम का असर न पड़े। सर्दी के मौसम में यदि पशुओं के रहन-सहन और आहार का प्रबंध ठीक तरह से नहीं किया गया, तो पशु के स्वास्थ्य व दुग्ध उत्पादन की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
ये बातें पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. सतीश कुमार सिंह ने कहीं। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को चाहिए कि वह पशुओं को सर्दी से बचाने के लिए पशुशाला के दरवाजे, खिड़कियां व अन्य खुले स्थान पर रात के समय बोरी, तिरपाल या टाट लगा दें। पशुओं को ताजा व स्वच्छ पानी ही पिलाएं जो अधिक ठंडा ना हो। पशुओं को उनकी आवश्यकता अनुसार संतुलित आहार खिलाना चाहिए। साथ में 50 ग्राम खनिज मिश्रण अवश्य देना चाहिए। यदि संभव हो तो अलाव की व्यवस्था की जाए परंतु यह ध्यान रखें कि आग लगने की संभावना ना हो। पशुशाला में रात के समय आग जलाकर न छोड़ें अन्यथा दम घुटने का डर रहता है।
विज्ञापन