फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Smuggling of gold through footpaths from Nepal border

UP News: नेपाल सीमा से पगडंडियों के रास्ते हो रही सोने की तस्करी, नजर से बचने के लिए सबसे मुफीद मार्ग

Mon, 24 Jul 2023 05:42 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 24 Jul 2023 05:42 PM IST
सार

नेपाली मूल वाले ब्रोकर सीमा पर भारत में सटे चार-पांच छोटे बार्डर की पगडंडियों से होकर सीधे निचलौल पहुंच जाते हैं। यहां के कुछ सराफा व्यापारियों की दखल भी पिछले कुछ दिनों से शहर के हिंदी बाजार के अलावा अलीनगर और गोलघर के बाजार में बढ़ी है।

विज्ञापन
Smuggling of gold through footpaths from Nepal border
भारत नेपाल सीमा - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कोलकाता, दिल्ली रूट पर सख्ती बढ़ने के बाद अब तस्करों ने सोने की तस्करी के लिए नेपाल की पगडंडियों को चुना है। तस्करी के नेटवर्क में शामिल नेपाल के स्थानीय लोग बार्डर पर पगडंडियों के रास्ते साइकिल के सहारे स्कूल के बैग या झोले में सोने के बिस्किट रखकर सोनौली और निचलौल पहुंचा देते हैं। इसके बाद नेटवर्क की दूसरी टीम सोना को गंतव्य तक पहुंचाती है।

विज्ञापन


खुफिया एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, नेपाल की सीमा से सटे गांवों के लोगों को तस्करों ने अपने नेटवर्क में शामिल कर रखा है। ये लोग सोने के बिस्किट को बैग में रखकर बड़े आराम से साइकिल चलाते अड्डे तक पहुंचा देते हैं। एक दिन में दो से तीन बार सोने की खेप को संबंधित तक पहुंचा देते हैं। सोने की तस्करी के लिए निचलौल खास सेंटर बन गया है। यहां पुराना मार्केट, सिनेमा रोड के दो छोटे दुकानदारों तक सोना पहुंचाने का जिम्मा इन्हीं नेपाली मूल के लोगों का होता है।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: खेत में विमान का गिरा दो फ्यूल टैंक, देखने के लिए उमड़ी भीड़; VIDEO
विज्ञापन
विज्ञापन


नेपाली मूल वाले ब्रोकर सीमा पर भारत में सटे चार-पांच छोटे बार्डर की पगडंडियों से होकर सीधे निचलौल पहुंच जाते हैं। यहां के कुछ सराफा व्यापारियों की दखल भी पिछले कुछ दिनों से शहर के हिंदी बाजार के अलावा अलीनगर और गोलघर के बाजार में बढ़ी है। सूत्रों के मुताबिक, नेपाल से अवैध सोने की खेप निचलौल का व्यापारी अपनी गाड़ी से लेकर शहर में आता है। गोपी गली वाले दुकानदार के अलावा बाजार के दो और व्यापारियों के पास सोने की डिलीवरी कर देता है।

यहां से चार घंटे के भीतर मोटी रकम लेकर वापस लौट जाता है। पिछले दिनों नेपाल में पकड़े गए सोने को गोरखपुर पहुंचाने की तैयारी चल रही थी। एजेंसी के पास सटीक सूचना थी कि इस बार सोने की खेप को गोरखपुर वाले व्यापारी, भारत में आने के बाद खुद लेने जाएंगे। नेपाल के बिचौलिए के सहारे से ये बार्डर पार करवाएंगे। इसी बीच खेप पकड़े जाने से अवैध सोने की तस्करी करने वाले दबोचे नहीं जा सके।

इसे भी पढ़ें: नेपाल सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों की ड्रोन से होगी निगरानी, ADG ने दिया आदेश
 

तस्करी के सोने से 18 फीसदी रकम जाती धंधेबाजों के पास

अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले पंद्रह दिन से सोने की औसतन कीमत 51 लाख रुपये प्रति किलो चल रही है। इस सोने पर 12.5 फीसदी कस्टम ड्यूटी व 2.5 प्रतिशत सेस लगता है। सराफा मंडियों में एसबीआई और यस बैंक से सोना आता है। बैंकों से खरीदने पर कस्टम ड्यूटी व सेस चुकाने पर प्रति किग्रा सोना की कीमत करीब 9.00 लाख रुपये बढ़ जाती है।

इस एक किग्रा सोना को एक नंबर में बेचा जाए तो 3 फीसदी जीएसटी के हिसाब से 1.80 लाख रुपये ग्राहक से वसूलना होगा। तस्करी से खरीदा गया सोना कैश में बेचा जाता है। जीएसटी को भी जोड़ दिया जाए तो सीधे-सीधे 18 फीसदी धंधेबाजों की जेबों में चला जाता है। यही वजह है कि यह धंधा बढ़ रहा है। तस्करी के सोने को खपाने का एक सिंडीकेट है। इस सिंडीकेट में सोने को बेचने, खरीदने एवं मध्यस्थता करने वाले शामिल होते हैं। नेपाल, कोलकाता आदि से आने वाले तस्करी के सोने पर कस्टम ड्यूटी व सेस का जो पैसा बच जाता है वह बेचने, खरीदने एवं मध्यस्थता करने वालों में बंट दिया जाता।

इसे भी पढ़ें: नेपाल सीमा के दो गांव पीएफआई का ठिकाना...पूर्वांचल है निशाना

तस्करी के लिए ये रास्ते हैं मुफीद

सूत्रों के मुताबिक, तस्करी का सोना नेपाल, कोलकाता, जयपुर व दिल्ली के रास्ते आगरा, कानपुर, लखनऊ और गोरखपुर पहुंच रहा है। इसमें भी सबसे ज्यादा आवक नेपाल एवं कोलकाता के रास्ते से होती है।

ऐसे बनाते हैं सोने को खरा
बिस्किट की शक्ल में आने वाले तस्करी के सोने पर बैंक का नाम और फर्जी नंबर दर्ज कर देते हैं। ग्राहक को झांसा देने के लिए यह सब किया जाता है। यह काम रिफाइनरी में होता है। हिंदी बाजार की रिफायनरी में भी ये खेल बड़े जोरों पर होता है। केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम जल्दी ही बाजार में कार्रवाई कर सकती है।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed