एक्शन में पुलिस: गोरखपुर में स्मैक माफिया मंजू और उसके बेटों की 25 करोड़ की संपत्ति कुर्क, कसा शिकंजा
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि माफिया पर कार्रवाई के क्रम में मंजू निषाद, उसकी बेटी माला, बेटे सुनील और धंधे में सहयोगी की संपत्तियों को डीएम के आदेश पर कुर्क कर दिया गया है। सभी ने स्मैक के धंधे से संपत्तियों को बनाया है। इनके और संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
विस्तार
युवाओं को नशाखोरी में धकेलने वाली स्मैक की धंधेबाज मंजू निषाद, बेटे सुनील निषाद, बेटी माला के अवैध कमाई से खड़ी की गई 25 करोड़ की संपत्ति को शुक्रवार को कुर्क कर लिया गया। गैंगस्टर एक्ट में डीएम के आदेश पर पुलिस ने प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में अमरूतानी में जाकर कार्रवाई की है। मंजू के मकान, जमीन सभी को कुर्क कर लिया गया है।
खबर है कि उसने मकान का नक्शा भी पास नहीं कराया है, जिसे आधार बनाकर बुलडोजर चलाने की भी तैयारी है। जल्द ही प्रशासन की टीम अवैध कमाई से बनी संपत्तियों को जमींदोज भी कर सकती है। शुक्रवार को कुर्क की गई संपत्तियों की कीमत 25 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके पहले पुलिस ने पंडिताइन की 13.5 करोड़ की संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई की थी।
जानकारी के मुताबिक, अमरूतानी में स्मैक, कच्ची शराब का धंधा नया नहीं है। वर्ष 2001 में उजाड़ बस्ती अमरूतारी में स्मैक के धंधे की शुरुआत किशन कुमारी उर्फ पंडिताइन ने की थी। एक साल तक उसकी ओर किसी ने देखा तक नहीं। पहली बार 2002 में स्मैक का विरोध करने वाले कुछ लोग पहुंचे तो मारपीट हो गई।
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पुलिस ने केस दर्ज किया और अफसरों के दबाव में जांच की गई तो नशे के धंधे में संलिप्तता का मामला सामने आया। लिहाजा, राजघाट, कोतवाली थाने में कई केस दर्ज किए गए। वर्ष 2008 में ट्रांसपोर्ट नगर के एक मकान को जब्त किया गया, लेकिन काम बंद नहीं हुआ।
इसी बीच 2014 में शंभू सोनकर स्मैक का धंधा करते हुए पकड़ा गया। फिर जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि इस पूरे धंधे को मंजू अपनी बेटी माला और बेटे सुधीर के साथ मिलकर करने लगी। अब पुलिस ने उस पर कार्रवाई की है।
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चौकी खोली, मुखबिर लगाया, तब सामने आया धंधेबाजाें का सच
नशे के इस काले धंधे की ओर पुलिस ने जब भी ध्यान दिया तो जेहन में उगाही ही रही, लेकिन पहली बार एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने आने के साथ ही पहली बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने ऑपरेशन अमरूतानी चलाया तो धंधेबाजाें में खलबली मच गई। फिर पंडिताइन की 13.5 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क कराने के अलावा पुलिस ने दूसरे धंधेबाजाें की कुंडली तैयार कर ली। धंधे को जड़ से खत्म करने के लिए अमरूद मंडी नाम से एक नई पुलिस चौकी खोली गई। फिर पुलिस वालों पर भी नजर रखने के लिए एसपी सिटी ने अपने मुखबिरों को सक्रिय किया। इतनी मशक्कत के बाद पूरा धंधा सामने आया और आरोपी जेल गए। अब गैंगस्टर के तहत उनकी संपत्तियों को जब्त किया गया।
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स्मैक और कच्ची शराब की वजह से नहीं हो सका विकास
अमरूतानी के दो किलोमीटर दूर की जमीन की कीमत करोड़ों रुपये की हो चुकी है, लेकिन यहां पर विकास आज भी बौना है। स्मैक और कच्ची शराब के लिए बदनाम इस जगह पर कोई जमीन लेकर बसना नहीं चाहता है। वहां पर वहीं लोग हैं, जिनकी या तो मजबूरी है या फिर वह इस धंधे से कहीं न कहीं जुड़े हुए हैं।इसे भी पढ़ें:
ये संपत्तियां की गईं कुर्क
- मोहल्ला चकरा अव्वल भवन संख्या 219 यू वार्षिक मूल्यांकन 720 (मंजू देवी)
- मौजा चकरा अव्वल आराजी नं. 179, 1308 वर्ग फीट (माला देवी)
- मौजा चकरा अव्वल 190-06 डिस्मिल (माला देवी)
- मौजा चकरा अव्वल भवन संख्या 219 जी (माला देवी)
- मौजा चकरा अव्वल आराजी नं. 84 क-1085 वर्ग फीट (सुनील)
- मौजा चकरा अव्वल आराजी नं. 190, 1744 वर्ग फीट (सुनील)
- मौजा चकरा अव्वल 2180 वर्ग फीट (सुनील)
- मौजा चकरा अव्वल 1744 वर्ग फीट (सुनील)
- मौजा चकरा अव्वल 744 वर्ग फीट पड़ोसी (सोनी)
- मौजा चकरा अव्वल 3924 वर्ग फीट पड़ोसी (सोनी)
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि माफिया पर कार्रवाई के क्रम में मंजू निषाद, उसकी बेटी माला, बेटे सुनील और धंधे में सहयोगी की संपत्तियों को डीएम के आदेश पर कुर्क कर दिया गया है। सभी ने स्मैक के धंधे से संपत्तियों को बनाया है। इनके और संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, जिस पर भविष्य में कार्रवाई की जाएगी।