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कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के बर्खास्त छह और शिक्षक-शिक्षिकाओं को मिला स्थगन आदेश
Tue, 08 Dec 2020 04:54 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 08 Dec 2020 04:54 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया जिले की कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों से जुलाई माह में बर्खास्त 14 शिक्षक-शिक्षिकाओं में सात और को कोर्ट से स्थगन आदेश मिल गया है। गौरी बाजार की एक शिक्षिका को पहले ही इस मामले में स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) मिलने के बाद उन्हें तैनाती दे दी गई है। अब इन्हें भी राहत मिलने की बात कही जा रही है। अब ऐसे में विभाग के लिए यह पेशोपेश की स्थिति बन गई है। हालांकि इन शिक्षकों के स्थगन आदेश की कापी मिलने का विभाग इनकार कर रहा है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के बर्खास्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बीएसए कार्यालय की परेशानी बढ़ा दी है। जुलाई में हुई बर्खास्तगी के आदेश के खिलाफ अब तक कुल सात शिक्षक-शिक्षिकाओं ने स्थगन आदेश ले लिया है। जिले के 13 कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में कार्यरत 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं को फर्जी कागजातों और अभिलेखों में हेरोफेरी कर नौकरी हथियाने के आधार पर गत 15 जुलाई को बर्खास्त कर दिया गया था।
इसमें एक वार्डेन, आठ पूर्णकालिक, चार अंशकालिक और एक उर्दू की शिक्षिका शामिल रहीं। बर्खास्तगी के पूर्व बीएसए कार्यालय से लेकर राज्य परियोजना तक इनके अभिलेखों की व्यापक जांच पड़ताल की गई थी। वहीं लार में कार्यरत रहीं तत्कालीन वार्डेन ऋचा वर्मा को जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जून में ही बर्खास्त कर दिया गया था। इनके खिलाफ गोरखपुर के एक व्यक्ति की शिकायत पर तत्कालीन बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने जांच कमेटी गठित की थी।
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के बर्खास्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बीएसए कार्यालय की परेशानी बढ़ा दी है। जुलाई में हुई बर्खास्तगी के आदेश के खिलाफ अब तक कुल सात शिक्षक-शिक्षिकाओं ने स्थगन आदेश ले लिया है। जिले के 13 कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में कार्यरत 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं को फर्जी कागजातों और अभिलेखों में हेरोफेरी कर नौकरी हथियाने के आधार पर गत 15 जुलाई को बर्खास्त कर दिया गया था।
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इसमें एक वार्डेन, आठ पूर्णकालिक, चार अंशकालिक और एक उर्दू की शिक्षिका शामिल रहीं। बर्खास्तगी के पूर्व बीएसए कार्यालय से लेकर राज्य परियोजना तक इनके अभिलेखों की व्यापक जांच पड़ताल की गई थी। वहीं लार में कार्यरत रहीं तत्कालीन वार्डेन ऋचा वर्मा को जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जून में ही बर्खास्त कर दिया गया था। इनके खिलाफ गोरखपुर के एक व्यक्ति की शिकायत पर तत्कालीन बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने जांच कमेटी गठित की थी।
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इनको मिला है स्थगन आदेश
कुछ दिनों बाद बीएसए के आदेश पर जिला समन्वयक बालिका शिक्षा ने बर्खास्त सभी 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं के खिलाफ कोतवाली पुलिस में मुकदमा भी दर्ज कराया था। बीएसए के इस निर्णय के खिलाफ कई बर्खास्त शिक्षिकाओं ने उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में अपील की थी। इन्होंने बीएसए पर बिना सुनवाई किए ही बर्खास्त कर देने का आरोप लगाते हुए राहत की मांग की थी।
इस मामले में अब तक लार की वार्डेन रहीं ऋचा वर्मा, भाटपाररानी की पूर्णकालिक शिक्षिका अमृता सिंह, बरहज की पूर्णकालिक शिक्षिका अर्चना मिश्रा, बैतालपुर की पूर्णकालिक शिक्षिका निशा मौर्या, लार की पूर्णकालिक शिक्षिका अनामिका त्रिपाठी, यही के शिक्षक वशिष्ठ कुशवाहा को स्थगन आदेश मिला है।
जिला समन्वयक बालिका शिक्षा टीएन पांडेय ने बताया कि गौरीबाजार कस्तूरबा विद्यालय की विजया सिंह को स्थगन आदेश के बाद उन्हें पुन:तैनाती दे दी गई है। अन्य शिक्षकों के स्थगन आदेश की कापी उन्हें नहीं मिली है। मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में अब तक लार की वार्डेन रहीं ऋचा वर्मा, भाटपाररानी की पूर्णकालिक शिक्षिका अमृता सिंह, बरहज की पूर्णकालिक शिक्षिका अर्चना मिश्रा, बैतालपुर की पूर्णकालिक शिक्षिका निशा मौर्या, लार की पूर्णकालिक शिक्षिका अनामिका त्रिपाठी, यही के शिक्षक वशिष्ठ कुशवाहा को स्थगन आदेश मिला है।
जिला समन्वयक बालिका शिक्षा टीएन पांडेय ने बताया कि गौरीबाजार कस्तूरबा विद्यालय की विजया सिंह को स्थगन आदेश के बाद उन्हें पुन:तैनाती दे दी गई है। अन्य शिक्षकों के स्थगन आदेश की कापी उन्हें नहीं मिली है। मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।