{"_id":"60bb6d8ee490237920039bdc","slug":"silence-spread-in-kushinagar-for-whole-year-due-to-corona-curfew","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना का असर: कुशीनगर में साल भर से पसरा है सन्नाटा, प्रमुख दर्शनीय स्थल पड़े हैं सुनसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना का असर: कुशीनगर में साल भर से पसरा है सन्नाटा, प्रमुख दर्शनीय स्थल पड़े हैं सुनसान
Sat, 05 Jun 2021 06:05 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, कुशीनगर।
अमर उजाला नेटवर्क, कुशीनगर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 05 Jun 2021 06:05 PM IST
सार
महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर रामाभार स्तूप मार्ग पड़ा सूना, शाम के समय महापरिनिर्वाण, रामाभार स्तूप व अन्य स्थलों पर लोगों की जुट जाया करती थी भीड़।
विज्ञापन
कुशीनगर में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लॉकडाउन में ढील के बावजूद कुशीनगर की महापरिनिर्वाण स्थली पर कोई चहल पहल नहीं है। हालांकि स्थानीय लोग सिर्फ अपनी दिनचर्या से संबंधित कार्यों के लिए बाहर निकल रहे हैं। अन्यथा वह घर में ही रह रहे हैं।
विज्ञापन
महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों जैसे रामाभार स्तूप, मांथा कुंवर मंदिर के अलावा हिरण्यावती नदी का बुद्धा घाट नौकायन बंद पड़े हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 28 से मुख्य गेट से जाने वाली बुद्ध मंदिर मार्ग पर बिड़ला धर्मशाला तक ही कुछ लोग आते जाते देख जा रहे हैं।
विज्ञापन
इसके आगे रामाभार स्तूप से होकर देवरिया मार्ग तक बिल्कुल सन्नाटा पसरा है। इस मार्ग पर संचालित छोटे रेस्टोरेंट निर्धारित समय तक खुल तो रहे हैं लेकिन वहां कोई पहुंच नहीं रहा है। जबकि शाम के समय महापरिनिर्वाण, रामाभार स्तूप व अन्य स्थलों पर लोगों की भीड़ जुट जाया करती थी।
विज्ञापन
पुरातत्व विभाग भी अपनी सभी संरक्षित स्मारकों के प्रवेश द्वार को बंद कर रखा है। सिर्फ सुरक्षा के लिए गेट पर गार्ड तैनात हैं। इस संबंध में पुरातत्व विभाग के संरक्षण सहायक शादाब खान ने बताया कि स्मारकों को खोलने के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। अनुमति मिलने पर कोरोना गाइडलाइन के तहत खोला जाएगा। 15 जून तक अभी बंद के आदेश हैं।