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Gorakhpur News: युवाओं को मिलेगी उड़ान भरने की शिक्षा
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करती कुलपति प्रो कविता शाह। संवा
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु का स्थापना दिवस समारोह सिद्धार्थ उत्सव के रूप मनाया जाएगा। यह समारोह 13 से 17 अक्तूबर तक विश्वविद्यालय परिसर में मनाया जाएगा। पांच दिनों तक चलने वाले इस समारोह में खेल, नाटक सहित कई प्रकार की प्रतियोगिताएं भी होंगी।
यह बातें कुलपति प्रो. कविता शाह ने रविवार को सिविवि के सभागार में प्रेसवार्ता में बताईं। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उत्सव को शानदार और यादगार बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। कार्यक्रमवार आयोजक मंडल गठित करते हुए सभी संकायों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक आयोजन की निगरानी के लिए समन्वय समितियों का गठन किया गया है, ताकि कोई भी कार्यक्रम स्तर से नीचा न हो। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से पहली बार आयोजित होने जा रहे सिद्धार्थ उत्सव से न केवल परिसर, बल्कि पूरा जनपद शैक्षणिक और सांस्कृतिक रंग में रंगने जा रहा है। उद्घाटन सोमवार को मुख्य अतिथि पद्मश्री सरोज चूड़ामणि गोपाल करेंगी।
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समारोह में पहले दिन प्रश्नोत्तरी, अंताक्षरी एवं कविता पाठ, स्टाल व्यवस्था-प्रदर्शनी, डाक्यूमेंटरी, कबीरा, वन्य जीव फोटोग्राफी, भारतीय ज्ञान परंपरा-स्व से स्व तक, प्रदर्शनी फोटो एवं टेक्नोलॉजी, पुस्तक मेला, हस्त शिल्प प्रदर्शनी, खेलकूद प्रतियोगिताएं, पोस्टर मेकिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। समापन समारोह 17 अक्तूबर को होगा, जिसकी मुख्य अतिथि प्रसिद्ध शास्त्री गायक डॉ. सरोज घोष होंगी। कार्यक्रम में पूर्व छात्र के अलावा आसपास के लोग भी हिस्सा ले सकेंगे। पांच दिन खेल के साथ कई गतिविधियां चलेंगी। इसमें नाटक सहित, एआई व अन्य नवाचार पर कार्यक्रम होंगे, जिससे बच्चे यहां से कुछ अलग सीखकर जाएंगे।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में जापानी, जर्मन और पाली भाषा में शैक्षिक कार्य के लिए काम हो रहा है। जल्द ही इन भाषाओं की पढ़ाई शुरू होगी। इनमें भी बच्चे दक्ष होंगे।
कुलसचिव दीनानाथ यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय पहली बार अपने स्थापना दिवस को भव्य स्वरूप में मना रहा है। यह न केवल हमारे संस्थान की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि विद्यार्थियों के कौशल विकास, व्यक्तित्व निर्माण और शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षक, कर्मचारी एवं समाज के सभी वर्गों का सहयोग इस आयोजन को सफल बनाएगा।
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यह बातें कुलपति प्रो. कविता शाह ने रविवार को सिविवि के सभागार में प्रेसवार्ता में बताईं। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उत्सव को शानदार और यादगार बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। कार्यक्रमवार आयोजक मंडल गठित करते हुए सभी संकायों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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उन्होंने बताया कि प्रत्येक आयोजन की निगरानी के लिए समन्वय समितियों का गठन किया गया है, ताकि कोई भी कार्यक्रम स्तर से नीचा न हो। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से पहली बार आयोजित होने जा रहे सिद्धार्थ उत्सव से न केवल परिसर, बल्कि पूरा जनपद शैक्षणिक और सांस्कृतिक रंग में रंगने जा रहा है। उद्घाटन सोमवार को मुख्य अतिथि पद्मश्री सरोज चूड़ामणि गोपाल करेंगी।
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समारोह में पहले दिन प्रश्नोत्तरी, अंताक्षरी एवं कविता पाठ, स्टाल व्यवस्था-प्रदर्शनी, डाक्यूमेंटरी, कबीरा, वन्य जीव फोटोग्राफी, भारतीय ज्ञान परंपरा-स्व से स्व तक, प्रदर्शनी फोटो एवं टेक्नोलॉजी, पुस्तक मेला, हस्त शिल्प प्रदर्शनी, खेलकूद प्रतियोगिताएं, पोस्टर मेकिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। समापन समारोह 17 अक्तूबर को होगा, जिसकी मुख्य अतिथि प्रसिद्ध शास्त्री गायक डॉ. सरोज घोष होंगी। कार्यक्रम में पूर्व छात्र के अलावा आसपास के लोग भी हिस्सा ले सकेंगे। पांच दिन खेल के साथ कई गतिविधियां चलेंगी। इसमें नाटक सहित, एआई व अन्य नवाचार पर कार्यक्रम होंगे, जिससे बच्चे यहां से कुछ अलग सीखकर जाएंगे।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में जापानी, जर्मन और पाली भाषा में शैक्षिक कार्य के लिए काम हो रहा है। जल्द ही इन भाषाओं की पढ़ाई शुरू होगी। इनमें भी बच्चे दक्ष होंगे।
कुलसचिव दीनानाथ यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय पहली बार अपने स्थापना दिवस को भव्य स्वरूप में मना रहा है। यह न केवल हमारे संस्थान की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि विद्यार्थियों के कौशल विकास, व्यक्तित्व निर्माण और शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षक, कर्मचारी एवं समाज के सभी वर्गों का सहयोग इस आयोजन को सफल बनाएगा।