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इनफ्लिबनेट की सेवाएं विश्वविद्यालय को देंगी नई गति : कुलपति
Sun, 03 Aug 2025 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 03 Aug 2025 12:11 AM IST
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया।
- फोटो : स्रोत विज्ञप्ति
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के केंद्रीय ग्रंथालय की ओर से इनफ्लिबनेट की विभिन्न डिजिटल और शोध उन्मुख सेवाओं के उपयोग और लाभ पर केंद्रित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह ने की। कुलपति ने कहा कि इनफ्लिबनेट की सेवाएं विश्वविद्यालय के अकादमिक, शोध और नवाचार आधारित माहौल को नई गति और दृष्टि प्रदान करेंगी।
उन्होंने वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन योजना की विशेष चर्चा करते हुए कहा कि भारत सरकार की एक क्रांतिकारी पहल है। इसके माध्यम से समस्त उच्च शिक्षण संस्थानों को एक समान और व्यापक डिजिटल शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। यह ज्ञान के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे हमारे शिक्षकगण, शोधार्थी और विद्यार्थी अत्यंत लाभान्वित होंगे। केंद्रीय ग्रंथालय वर्तमान में ओएनओएस शोधगंगा, शोधगंगोत्री, शोधशुद्धि जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं का प्रभावी उपयोग कर रहा है। यह शोध की गुणवत्ता, मौलिकता और संसाधनों की पहुंच को व्यापक बनाती हैं। कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने इनफ्लिबनेट की विभिन्न सेवाओं, डिजिटल संसाधनों के पंजीकरण, शोध डाटा के सत्यापन, शैक्षणिक लेखन में उपयोग, एवं राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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उन्होंने वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन योजना की विशेष चर्चा करते हुए कहा कि भारत सरकार की एक क्रांतिकारी पहल है। इसके माध्यम से समस्त उच्च शिक्षण संस्थानों को एक समान और व्यापक डिजिटल शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। यह ज्ञान के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे हमारे शिक्षकगण, शोधार्थी और विद्यार्थी अत्यंत लाभान्वित होंगे। केंद्रीय ग्रंथालय वर्तमान में ओएनओएस शोधगंगा, शोधगंगोत्री, शोधशुद्धि जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं का प्रभावी उपयोग कर रहा है। यह शोध की गुणवत्ता, मौलिकता और संसाधनों की पहुंच को व्यापक बनाती हैं। कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने इनफ्लिबनेट की विभिन्न सेवाओं, डिजिटल संसाधनों के पंजीकरण, शोध डाटा के सत्यापन, शैक्षणिक लेखन में उपयोग, एवं राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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