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UP News: बेटियों की शादी की तैयारी कर रहे 2 हजार परिवारों को झटका, जानिए क्या है मामला
Sat, 23 Jul 2022 02:14 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 23 Jul 2022 02:14 PM IST
सार
जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह का कहना है कि व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना बंद कर दी गई है। सरकार जरूरतमंदों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पर्याप्त फंड उपलब्ध करा रही है। ऐसे में किसी को दिक्कत नहीं होगी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना बंद होने से गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 2,084 परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इन परिवारों ने बेटियों की शादी के लिए इस योजना के तहत आवेदन कर रखा था और अब आर्थिक मदद का इंतजार कर रहे थे।
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योजना के बंद होने के बाद अब जरूरतमंदों के सामने शादी के लिए एकमात्र मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का ही विकल्प रह गया है। इस योजना के तहत भी सरकार से 51 हजार रुपये की मदद मिलती है।
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व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना के तहत सरकार के विभिन्न विभागों की ओर से 20 हजार रुपये का अनुदान मिलता था। यह मदद शादी के तीन माह पूर्व या फिर शादी के तीन माह बाद मिलती थी। समाज कल्याण, जिला अल्पसंख्यक कल्याण और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से ये योजना संचालित थीं।
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योजना बंद होने के समय तक अनुसूचित जाति के सर्वाधिक 911, सामान्य वर्ग के 293, पिछड़ा वर्ग के 380 और अल्पसंख्यक वर्ग के 500 आवेदन बजट के अभाव में लंबित थे। लेकिन, अब योजना बंद होने के चलते सभी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह का कहना है कि व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना बंद कर दी गई है। सरकार जरूरतमंदों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पर्याप्त फंड उपलब्ध करा रही है। ऐसे में किसी को दिक्कत नहीं होगी। इस योजना के तहत विभिन्न समुदायों और धर्मों के लोगों का रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह कराने के लिए प्रत्येक जोड़े पर 51,000 रुपए खर्च किए जाते हैं।