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एआई और मॉडल बेस्ड डिज़ाइन से सशक्त होगी इंजीनियरिंग शिक्षा : प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा
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गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप इंजीनियरिंग शिक्षा को पुनर्परिभाषित करने की जरूरत है। एआई और मॉडल बेस्ड डिजाइन से इंजीनियरिंग शिक्षा और सशक्त होगी।
वह एमएमएमयूटी, मैथवर्क्स इंडिया व डिजाइनटेक सिस्टम के सहयोग से बुधवार को एक होटल में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि एआई, डेटा संचालित तकनीकों व उन्नत डिजिटल उपकरणों को पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए ताकि विद्यार्थी भविष्य की तकनीकी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।
उन्होंने नवाचार आधारित शिक्षा व प्रोजेक्ट आधारित अधिगम को बढ़ावा देने पर बल दिया। अधिष्ठाता संकाय मामले प्रो. वीके गिरी ने उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सुदृढ़ सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य इंजीनियरिंग शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सिस्टम्स थिंकिंग व मॉडल बेस्ड डिजाइन की बढ़ती भूमिका पर विचार-विमर्श करना व इन आधुनिक तकनीकों को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में प्रभावी रूप से समाहित करने की संभावनाओं का अन्वेषण करना था।
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अधिष्ठाता स्नातक व गणित विभाग के अध्यक्ष प्रो. वीके मिश्र ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन शिक्षकों और विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों से जोड़ने व तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। संचालन डॉ. नितेश तिवारी, समन्वयन डॉ. शेखर यादव ने किया। इस दौरान मैथवर्क्स के शिक्षा निदेशक चंदन प्रमाणिक ने भी विचार रखे।
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वह एमएमएमयूटी, मैथवर्क्स इंडिया व डिजाइनटेक सिस्टम के सहयोग से बुधवार को एक होटल में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि एआई, डेटा संचालित तकनीकों व उन्नत डिजिटल उपकरणों को पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए ताकि विद्यार्थी भविष्य की तकनीकी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।
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उन्होंने नवाचार आधारित शिक्षा व प्रोजेक्ट आधारित अधिगम को बढ़ावा देने पर बल दिया। अधिष्ठाता संकाय मामले प्रो. वीके गिरी ने उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सुदृढ़ सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य इंजीनियरिंग शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सिस्टम्स थिंकिंग व मॉडल बेस्ड डिजाइन की बढ़ती भूमिका पर विचार-विमर्श करना व इन आधुनिक तकनीकों को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में प्रभावी रूप से समाहित करने की संभावनाओं का अन्वेषण करना था।
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अधिष्ठाता स्नातक व गणित विभाग के अध्यक्ष प्रो. वीके मिश्र ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन शिक्षकों और विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों से जोड़ने व तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। संचालन डॉ. नितेश तिवारी, समन्वयन डॉ. शेखर यादव ने किया। इस दौरान मैथवर्क्स के शिक्षा निदेशक चंदन प्रमाणिक ने भी विचार रखे।