गोरखपुर: स्कूलों में बुखार के मरीजों की तलाश शुरू, बच्चों को बुखार के साथ शरीर पर निकल रहे दाने
डॉक्टरों का कहना है कि बारिश से इस बीमारी से राहत मिल सकती है। क्योंकि, स्कूल बारिश के कारण बंद होंगे। इससे संक्रमण का चेन एक-दूसरे बच्चों तक नहीं पहुंचेगा। गोरखपुर जिले में लगातार तीन दिन से बारिश हो रही है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है।
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गोरखपुर जिले में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिला अस्पताल से लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या ज्यादा है। इसकी चपेट में दो वर्ष से लेकर 12 वर्ष तक के बच्चे शामिल हैं।
बुखार के साथ इन बच्चों के शरीर में छोटे-छोटे दाने निकल रहे हैं। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी स्कूलों में वायरल बुखार के मरीजों की तलाश शुरू कर दी है। इसकी जिम्मेदारी एसीएमओ डॉ एके चौधरी को सौंपी गई है।
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि डॉ एके चौधरी संक्रामक बीमारियों के नोडल इंचार्ज भी है। उनकी देख-रेख में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गोरखनाथ स्थित जीएन नेशनल स्कूल के शिक्षकों से संपर्क किया है। डॉ. एके चौधरी ने बताया कि स्कूल के शिक्षकों का फोन आया था। बच्चों के बीमार होने की जानकारी मिली है।
टीम ने स्कूल का निरीक्षण भी किया है। बीमार बच्चों की पूरी जानकारी मांगी गई है। संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए स्कूल में आठवीं तक की कक्षाएं सोमवार तक बंद कर दी गई हैं। वहीं, दूसरी तरफ अभिभावकों ने सीएमओ के सीयूजी के अलावा स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर पर संपर्क करना शुरू कर दिया है।
कई स्कूलों के बच्चे हुए बीमार
जीएन नेशनल पब्लिक स्कूल के अलावा शहर के दर्जन भर स्कूलों में बच्चों के बीमार होने की सूचना मिली है। बताया जा रहा है कि बुखार के साथ बच्चों के शरीर पर मटर से छोटे दाने निकल रहे हैं।
बारिश से मिल सकती है राहत
जिले में लगातार तीन दिन से बारिश हो रही है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। डॉक्टरों का कहना है कि बारिश से इस बीमारी से राहत मिल सकती है। क्योंकि, स्कूल बारिश के कारण बंद होंगे। इससे संक्रमण का चेन एक-दूसरे बच्चों तक नहीं पहुंचेगा।