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कुशीनगर: बिजली निगम का सर्वेयर बनकर रुपये वसूलने का आरोप, एसडीओ ने दी तहरीर
Mon, 27 Sep 2021 12:17 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, कुशीनगर।
अमर उजाला नेटवर्क, कुशीनगर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 27 Sep 2021 12:17 PM IST
सार
नगर के ओंकारवाटिका कॉलोनी से पकड़ा गया था फर्जी सर्वेयर। पुलिस की जांच में उसका दोष नहीं पाया गया। इसलिए मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
कुशीनगर जिले में विद्युत निगम का कर्मचारी बनकर रुपये वसूलने का आरोप लगाते हुए एक व्यक्ति के खिलाफ एसडीओ पडरौना ने कोतवाली में तहरीर दी है। उन्होंने उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विद्युत वितरण खंड पडरौना के एसडीओ राहुल द्विवेदी ने रविवार की रात बताया कि पडरौना शहर के ओंकारवाटिका कॉलोनी में बिजली कनेक्शन की चेकिंग के नाम पर एक व्यक्ति के खिलाफ उपभोक्ताओं से रुपये वसूलने की शिकायत मिली। विद्युतकर्मियों के साथ पहुंचे और उसे पकड़कर पुलिस को सौंपा। वह उत्तर प्रदेश कॉरपोरेशन लिमिटेड नाम से फर्जी आईडी दिखाकर खुद को निगम का सर्वेयर बता रहा था। उस आईडी पर उसकी जॉइनिंग की तारीख 14 सितंबर 2021 दिखाई गई थी, जिसकी वैलिडिटी 31 मार्च 2025 तक थी। साथ ही अधिशासी अभियंता उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड शक्ति भवन विस्तार नाम की मुहर लगी थी। एसडीओ ने बताया कि विभागीय छानबीन में यह आईडी फर्जी पाई गई। क्योंकि इस तरह का कोई पद विद्युत निगम में नहीं है।
कोतवाल अनुज कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे कुछ युवकों ने नौकरी लगाने के नाम पर यह आईडी दी थी। उसे पता नहीं था कि यह फर्जी है। पुलिस की जांच में उसका दोष नहीं पाया गया। इसलिए मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
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विद्युत वितरण खंड पडरौना के एसडीओ राहुल द्विवेदी ने रविवार की रात बताया कि पडरौना शहर के ओंकारवाटिका कॉलोनी में बिजली कनेक्शन की चेकिंग के नाम पर एक व्यक्ति के खिलाफ उपभोक्ताओं से रुपये वसूलने की शिकायत मिली। विद्युतकर्मियों के साथ पहुंचे और उसे पकड़कर पुलिस को सौंपा। वह उत्तर प्रदेश कॉरपोरेशन लिमिटेड नाम से फर्जी आईडी दिखाकर खुद को निगम का सर्वेयर बता रहा था। उस आईडी पर उसकी जॉइनिंग की तारीख 14 सितंबर 2021 दिखाई गई थी, जिसकी वैलिडिटी 31 मार्च 2025 तक थी। साथ ही अधिशासी अभियंता उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड शक्ति भवन विस्तार नाम की मुहर लगी थी। एसडीओ ने बताया कि विभागीय छानबीन में यह आईडी फर्जी पाई गई। क्योंकि इस तरह का कोई पद विद्युत निगम में नहीं है।
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कोतवाल अनुज कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे कुछ युवकों ने नौकरी लगाने के नाम पर यह आईडी दी थी। उसे पता नहीं था कि यह फर्जी है। पुलिस की जांच में उसका दोष नहीं पाया गया। इसलिए मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
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