गोरखपुर में सात महीने बाद आज गुलजार हुए स्कूल, अभिभावकों की सहमति से बुलाए गए विद्यार्थी
- अभिभावकों की सहमति पर बच्चों को दो शिफ्ट में स्कूल बुलाया जाएगा
- सुबह 8-11 बजे तक नौंवी और दसवीं तो दोपहर 12-3 बजे तक होगी 11वीं- 12वीं की पढ़ाई
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कोरोना महामारी की वजह से पिछले सात महीनों से बंद चल रहे जिले के सभी स्कूल आज से एक बार फिर सोशल डिस्टेंसिंग के बीच गुलजार होते नजर आएंगे। नौंवी से बारहवीं के 50 फीसदी विद्यार्थियों को अभिभावकों की सहमति पर ही स्कूल बुलाया जाएगा। ऑनलाइन क्लास का संचालन पूर्व की तरह जारी रहेगा। तीन-तीन घंटे के दो शिफ्ट में पढ़ाई होगी। इसे लेकर जिले के सीबीएसई, आईसीएसई और माध्यमिक विद्यालयों में तैयारियां पूरी हो चुकी है।
शासन के निर्देश के मुताबिक पहली पाली (सुबह 8-11 बजे) नौंवी और दसवीं तो दूसरी पाली दोपहर 12-3 बजे तक 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को विद्यालय बुलाया जाएगा। बीच के एक घंटे के दौरान स्कूल परिसर को सैनिटाइज कराना अनिवार्य होगा। सभी स्कूल संचालकों को कोविड की गाइडलाइंस का शत प्रतिशत पालन करना होगा।
शिक्षा विभाग के साथ साथ जिला प्रशासन भी स्कूलों में व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया जाएगा। सभी स्कूलों को अपने यहां मेडिकल रूम बनाना होगा। जहां प्रशिक्षित मेडिकल स्टॉफ की तैनाती की जाएगी। मेडिकल रूम में दो बेड, ऑक्सीजन, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मल स्कैनर रखना अनिवार्य होगा। स्कूल परिसर के अंदर थूकने पर सख्त पाबंदी होगी। पूरे परिसर के अंदर कोरोना से बचाव को लेकर बैनर और पोस्टर लगाने होंगे।
जिले में स्कूलों की संख्या
सीबीएसई बोर्ड- 113
आईसीएसई- 19
माध्यमिक विद्यालय- 485
इन नियमों का करना होगा पालन
- बच्चों को अभिभावकों की अनुमति से ही विद्यालय बुलाया जाएगा।
- उपस्थिति के लिए लचीला रूख अपनाना होगा, किसी विद्यार्थी को बाध्य नहीं किया जाएगा।
- विद्यालय खोले जाने से पूर्व पूरी तरह सैनिटाइज कराया जाएगा, यह प्रक्रिया प्रतिदिन हर पाली के बाद नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी।
- विद्यालयों में सैनिटाइजर, हैंडवाश, थर्मल स्कैनिंग, मेडिकल रूम की व्यवस्था सुनिश्चित करना होगा। किसी में लक्षण नजर आए तो प्राथमिक उपचार देकर घर भेजना होगा।
- शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी को हैंड सैनिटाइज या हैंड वाश करने पर ही परिसर के अंदर प्रवेश दिया जाएगा।
- विद्यालय के मुख्य द्वारा से प्रवेश और छुट्टी के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का शत प्रतिशत पालन करना होगा।
- यदि विद्यालय में एक से अधिक प्रवेश द्वार है तो उनका उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
- सभी विद्यालयों के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए मॉस्क लगाना अनिवार्य होगा, विद्यालय प्रबंधन की ओर से अतिरिक्त मात्रा में मॉस्क रखा जाए।
- विद्यार्थियों के छह फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था की जाए।
- ऑनलाइन क्लास पूर्व की भांति जारी रहेगी, जो विद्यार्थी ऑनलाइन क्लास से वंचित हैं। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विद्यालय बुलाया जाएगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि 19 अक्तूबर से स्कूलों के संचालन को लेकर सीबीएसई, आईसीएसई और माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ अलग अलग बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है। सभी स्कूल संचालकों को गाइड लाइंस का शत प्रतिशत पालन करना होगा। किसी प्रकार की कोताही बर्दाशत नहीं की जाएगी।