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स्कूल प्रबंधन : सैनिटाइजेशन, थर्मल स्कैनिंग
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स्कूल प्रबंधन : सैनिटाइजेशन, थर्मल स्कैनिंग
और छह फीट की दूरी पर करेंगे फोकस
गोरखपुर। अनलॉक-4 में सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक 21 सितंबर के बाद से स्कूल प्रबंधन को थोड़ी राहत प्रदान की गई है। स्कूल 50 प्रतिशत शिक्षण और स्टाफ से जुड़े लोगों को बुला सकते हैं। कक्षा नौ से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों को जरूरत के मुताबिक स्कूल में आकर मार्गदर्शन लेने की भी रियायत दी गई है। इसके लिए अभिभावकों की लिखित सहमति अनिवार्य होगी। गाइडलाइन मिलने के बाद विभिन्न स्कूूलों के प्रधानाचार्य अभिभावकों की सहमति के लिए उन्हें चिट्ठी भेज रहे हैं।
स्कूूलों की ओर से सैनिटाइजेशन, थर्मल स्कैनिंग, छह फीट की दूरी समेत अन्य नियमों को लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। स्कूल के प्रबंधकों का कहना है कि बच्चों को एक जगह जुटने नहीं दिया जाएगा। टिफिन या पानी की शेयरिंग, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, कैंटीन पर ताला लटका रहेगा। प्रधानाचार्यों का कहना है कि वे भी अभिभावक हैं। जैसे अपने बच्चे की उन्हें फ्रिक है ठीक वैसे ही स्कूल आने वाले बच्चों की सेहत के लिए भी प्राथमिकता देंगे। अमर उजाला से बातचीत में स्कूल के प्रधानाचार्यों ने कुछ इस तरह अपनी बातें साझा कीं।
कक्षाएं नियमित नहीं चलाएंगे
अप्रैल से ही ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। विद्यार्थियों की समस्या को ऑनलाइन सुलझा रहे हैं। बोर्ड के फॉर्म, प्रैक्टिकल, होमवर्क कॉपी जमा कराने या प्रोजेक्ट जैसे काम ऐसे हैं जो बच्चों को स्कूल बुलाए बगैर नहीं हो सकते हैं। केवल उन्हीं कार्यों के लिए बच्चों को छोटे-छोटे ग्रुप में स्कूल बुलाया जाएगा। कक्षाएं चलाने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। बच्चे को अगर समस्या है तो स्कूल के दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले हैं।
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- आराधना शाही, प्रिंसिपल, आरपीएम ग्रीन सिटी
हर विद्यार्थी की थर्मल स्कैनिंग
कोविड गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन कराने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। अभिभावकों की सहमति के लिए संदेश भेज रहे हैं। विद्यार्थी के आने से पहले और जाने के बाद सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। हर बच्चे की थर्मल स्कैनिंग होगी। मास्क लगाना अनिवार्य होगा। वर्तमान हालात में ज्यादा विद्यार्थियों के स्कूल आने की उम्मीद नहीं है। इसलिए छह फीट की दूरी का अनुपालन कराने में कोई दिक्कत नहीं होगी। ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी।
-प्रज्ञा मिश्रा, प्रिंसिपल, एबीसी पब्लिक स्कूल
ऑनलाइन पढ़ाई से अभिभावकों में संतुष्टि
लगातार बढ़ रहे संक्रमण को देखते हुए अभिभावकों की सहमति का मिलना बेहद मुश्किल है। कई अभिभावकों को संदेश भेजा गया, मगर उन्होंने बच्चों को स्कूल में भेजने से इनकार कर दिया। वे ऑनलाइन पढ़ाई और टेस्ट से संतुष्ट हैं। मगर प्रैक्टिकल ऑनलाइन नहीं हो सकते हैं। उपकरण स्कूल में हैं इसलिए 11वीं के छात्रों को कई बैच में 21 के बाद बुलाया जाएगा। अभिभावकों को प्रेरित किया जा रहा है। कोविड के नियमों का अनुपालन सख्ती से होगा।
-अनुजा श्रीवास्तव, प्रिंसिपल, एचपी चिल्ड्रेन्स एकेडमी
दो शिफ्ट में बुलाने की तैयारी
परामर्श के लिए बच्चों को स्कूल बुलाने की तैयारी की जा रही है। अभिभावकों को सहमति के लिए ऑनलाइन फॉर्म भेज दिया गया है। दो शिफ्ट में बच्चों को स्कूूल बुलाया जाएगा। पहली शिफ्ट 09-12 बजे और दूसरी शिफ्ट 12-3 बजे की होगी। स्कूल में ऑटोमेटिक सैनिटाइजेशन मशीन लगाई गई है। छात्रों का मार्गदर्शन कर रहे शिक्षकों की वीडियो का लाइव प्रसारण ऑनलाइन घर बैठे अन्य छात्र देख सकेंगे।
- अपनीत गुप्ता, प्रिंसिपल, स्टेपिंग स्टोन इंटर कॉलेज
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और छह फीट की दूरी पर करेंगे फोकस
गोरखपुर। अनलॉक-4 में सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक 21 सितंबर के बाद से स्कूल प्रबंधन को थोड़ी राहत प्रदान की गई है। स्कूल 50 प्रतिशत शिक्षण और स्टाफ से जुड़े लोगों को बुला सकते हैं। कक्षा नौ से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों को जरूरत के मुताबिक स्कूल में आकर मार्गदर्शन लेने की भी रियायत दी गई है। इसके लिए अभिभावकों की लिखित सहमति अनिवार्य होगी। गाइडलाइन मिलने के बाद विभिन्न स्कूूलों के प्रधानाचार्य अभिभावकों की सहमति के लिए उन्हें चिट्ठी भेज रहे हैं।
स्कूूलों की ओर से सैनिटाइजेशन, थर्मल स्कैनिंग, छह फीट की दूरी समेत अन्य नियमों को लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। स्कूल के प्रबंधकों का कहना है कि बच्चों को एक जगह जुटने नहीं दिया जाएगा। टिफिन या पानी की शेयरिंग, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, कैंटीन पर ताला लटका रहेगा। प्रधानाचार्यों का कहना है कि वे भी अभिभावक हैं। जैसे अपने बच्चे की उन्हें फ्रिक है ठीक वैसे ही स्कूल आने वाले बच्चों की सेहत के लिए भी प्राथमिकता देंगे। अमर उजाला से बातचीत में स्कूल के प्रधानाचार्यों ने कुछ इस तरह अपनी बातें साझा कीं।
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कक्षाएं नियमित नहीं चलाएंगे
अप्रैल से ही ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। विद्यार्थियों की समस्या को ऑनलाइन सुलझा रहे हैं। बोर्ड के फॉर्म, प्रैक्टिकल, होमवर्क कॉपी जमा कराने या प्रोजेक्ट जैसे काम ऐसे हैं जो बच्चों को स्कूल बुलाए बगैर नहीं हो सकते हैं। केवल उन्हीं कार्यों के लिए बच्चों को छोटे-छोटे ग्रुप में स्कूल बुलाया जाएगा। कक्षाएं चलाने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। बच्चे को अगर समस्या है तो स्कूल के दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले हैं।
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- आराधना शाही, प्रिंसिपल, आरपीएम ग्रीन सिटी
हर विद्यार्थी की थर्मल स्कैनिंग
कोविड गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन कराने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। अभिभावकों की सहमति के लिए संदेश भेज रहे हैं। विद्यार्थी के आने से पहले और जाने के बाद सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। हर बच्चे की थर्मल स्कैनिंग होगी। मास्क लगाना अनिवार्य होगा। वर्तमान हालात में ज्यादा विद्यार्थियों के स्कूल आने की उम्मीद नहीं है। इसलिए छह फीट की दूरी का अनुपालन कराने में कोई दिक्कत नहीं होगी। ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी।
-प्रज्ञा मिश्रा, प्रिंसिपल, एबीसी पब्लिक स्कूल
ऑनलाइन पढ़ाई से अभिभावकों में संतुष्टि
लगातार बढ़ रहे संक्रमण को देखते हुए अभिभावकों की सहमति का मिलना बेहद मुश्किल है। कई अभिभावकों को संदेश भेजा गया, मगर उन्होंने बच्चों को स्कूल में भेजने से इनकार कर दिया। वे ऑनलाइन पढ़ाई और टेस्ट से संतुष्ट हैं। मगर प्रैक्टिकल ऑनलाइन नहीं हो सकते हैं। उपकरण स्कूल में हैं इसलिए 11वीं के छात्रों को कई बैच में 21 के बाद बुलाया जाएगा। अभिभावकों को प्रेरित किया जा रहा है। कोविड के नियमों का अनुपालन सख्ती से होगा।
-अनुजा श्रीवास्तव, प्रिंसिपल, एचपी चिल्ड्रेन्स एकेडमी
दो शिफ्ट में बुलाने की तैयारी
परामर्श के लिए बच्चों को स्कूल बुलाने की तैयारी की जा रही है। अभिभावकों को सहमति के लिए ऑनलाइन फॉर्म भेज दिया गया है। दो शिफ्ट में बच्चों को स्कूूल बुलाया जाएगा। पहली शिफ्ट 09-12 बजे और दूसरी शिफ्ट 12-3 बजे की होगी। स्कूल में ऑटोमेटिक सैनिटाइजेशन मशीन लगाई गई है। छात्रों का मार्गदर्शन कर रहे शिक्षकों की वीडियो का लाइव प्रसारण ऑनलाइन घर बैठे अन्य छात्र देख सकेंगे।
- अपनीत गुप्ता, प्रिंसिपल, स्टेपिंग स्टोन इंटर कॉलेज