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Sawan Somwar 2021: हर हर बम बम के जयघोष से गूंजा दुग्धेश्वरनाथ धाम, सावन के दूसरे सोमवार को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
Mon, 02 Aug 2021 10:49 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 02 Aug 2021 10:49 AM IST
सार
दूसरी काशी का दर्जा प्राप्त रुद्रपुर महाकाल शिव की नगरी है। पुराण की व्याख्यानुसार इस क्षेत्र को हंस तीर्थ स्थल कहा जाता है।
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दुग्धेश्वरनाथ मंदिर रुद्रपुर
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
देवरिया जिले के श्री दुग्धेश्वरनाथ मंदिर रुद्रपुर में सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सावन के दूसरे सोमवार को पहले सोमवार से अधिक संख्या में शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर में हर हर बम बम के जयघोष से दुग्धेश्वरनाथ धाम दिनभर गूंजता रहा।
दूसरी काशी का दर्जा प्राप्त रुद्रपुर महाकाल शिव की नगरी है। पुराण की व्याख्यानुसार इस क्षेत्र को हंस तीर्थ स्थल कहा जाता है। स्वम्भू शिवलिंग का दर्शन करने के लिए देश के हर कोने से भक्त आते रहते हैं।
कोरोना के कारण इस साल दूर दराज के भक्तों की भगवान से दूरी बनी है। बावजूद इसके पूर्वांचल के श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। सावन के दूसरे सोमवार को भक्तों की भीड़ ने कोरोना का प्रोटोकॉल तोड़ कर भगवान को जल चढ़ाया।
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भीड़ के मद्देनजर मंदिर का कपाट अर्धरात्रि को खोल दिया गया। रोक के बाद भी कुछ युवकों ने कावड़ यात्रा निकाली। कावड़ियों का कई जत्था बरहज के सरयू नदी से जलभर कर डीजे की धुन पर थिरकते हुए दुग्धेश्वरनाथ मंदिर पहुंचा।
भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी। कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार मिश्र ने कहा कि मंदिर आने वालों को कोरोना प्रोटोकॉल का दायरे में पूजा पाठ कराने की व्यवस्था की जा रही है। मंदिर पर भीड़ बढ़ने से कोरोना की तीसरी लहर का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने भक्तों से सावधानी बरतने की अपील की।
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दूसरी काशी का दर्जा प्राप्त रुद्रपुर महाकाल शिव की नगरी है। पुराण की व्याख्यानुसार इस क्षेत्र को हंस तीर्थ स्थल कहा जाता है। स्वम्भू शिवलिंग का दर्शन करने के लिए देश के हर कोने से भक्त आते रहते हैं।
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कोरोना के कारण इस साल दूर दराज के भक्तों की भगवान से दूरी बनी है। बावजूद इसके पूर्वांचल के श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। सावन के दूसरे सोमवार को भक्तों की भीड़ ने कोरोना का प्रोटोकॉल तोड़ कर भगवान को जल चढ़ाया।
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भीड़ के मद्देनजर मंदिर का कपाट अर्धरात्रि को खोल दिया गया। रोक के बाद भी कुछ युवकों ने कावड़ यात्रा निकाली। कावड़ियों का कई जत्था बरहज के सरयू नदी से जलभर कर डीजे की धुन पर थिरकते हुए दुग्धेश्वरनाथ मंदिर पहुंचा।
भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी। कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार मिश्र ने कहा कि मंदिर आने वालों को कोरोना प्रोटोकॉल का दायरे में पूजा पाठ कराने की व्यवस्था की जा रही है। मंदिर पर भीड़ बढ़ने से कोरोना की तीसरी लहर का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने भक्तों से सावधानी बरतने की अपील की।