इस महादान से आप भी बचा सकते हैं लोगों की जान, 'कोरोना वॉरियर्स' बनने का ये है सुनहरा मौका
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गोरखपुर में लॉकडाउन के कारण बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रक्तदाता नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसकी वजह से ब्लड बैंक में खून की कमी हो गई है। इससे मरीजों के इलाज में दिक्कत हो रही है।
इसे देखते हुए ब्लड बैंक प्रशासन ने सामाजिक संगठनों और रक्तदाताओं से रक्तदान की अपील की है। अमर उजाला रक्तदान करने वाले हर महादानी की फोटो प्रकाशित करेगा।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जननी सुरक्षा योजना, थैलेसिमिया, कैंसर और एचआईवी के मरीजों को बिना एक्सचेंज के रक्त निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। हर महीने इस तरह के करीब 100 मरीज आते हैं।
ब्लड बैंक में सबसे ज्यादा डिमांड ए, एबी, बी और ओ निगेटिव ग्रुप के ब्लड की रहती है। लॉकडाउन की वजह से रक्तदाता भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ राजेश कुमार राय ने बताया कि ब्लड बैंक में रक्त की कमी आ गई है। उन्हाेंने अपील की कि सामाजिक संगठन और रक्तदाता ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करें, ताकि दूसरों की जिदंगी बचाई जा सके।
चार डॉक्टरों ने खुद रक्तदान कर बचाई थी जान
ब्लड की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक मरीज की जान बचाने के लिए डॉक्टरों को रक्तदान करना पड़ा। आठ मार्च को एक मरीज को छह यूनिट ब्लड की जरूरत थी, उसे डोनर नहीं मिल पा रहे थे।
इस पर मेडिकल कॉलेज के चार डॉक्टरों ने खुद ही ब्लड देकर मरीज की जान बचाई थी। रक्त देने वालों में डॉ. संतोष कुशवाहा, डॉ. अकील अहमद, डॉ. सुरेश सिंह, डॉ. सत्यवीर शर्मा शामिल थे।