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विकास भवन आइए, अपने हाथों बनाइए अचार, मुरब्बा
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विकास भवन आइए, अपने हाथों बनाइए अचार, मुरब्बा
देवरिया। मौसमी फल एवं सब्जियों का मजा हर सीजन में चाहिए तो विकास भवन आइए। यहां राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण केंद्र के कर्मचारी 48 प्रकार के घरेलू उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रतिकिलो सामग्री पर 15 रुपये शुल्क देकर मुरब्बा, कैंडी, अचार, चटनी, सॉस कैचप, च्यवनप्राश आदि बहुत कुछ बनाकर घर ले जा सकते हैं। उत्पाद तैयार करने में विभाग के कर्मचारी तकनीकी मदद देंगे।
राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र का दफ्तर जिले में 1966 से स्थापित है। फिर भी ज्यादातर लोग इसकी कार्यकुशलता से अनजान हैं। अन्य विभागों के समान स्थाई जगह नहीं मिलने के कारण यह केंद्र आम जनता की नजरों से 54 साल तक ओझल रहा। इसकी महत्ता को समझते हुए सीडीओ शिवशरणप्पा ने विकास भवन परिसर में कमरा मुहैया कराया है। दक्षिणी गेट के समीप 15 अक्तूबर से राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र संचालित हो रहा है। केंद्र का उदेश्य मौसमी फल एवं सब्जियों को संरक्षित कर विभिंन प्रकार के घरेलु उत्पाद तैयार कराना है। जिससे हर मौसम में लोग स्वादिष्ट एवं पौष्टिक आहार प्राप्त कर सकें।
मौसम के हिसाब से दिए जाते हैं प्रशिक्षण
शीत कालीन: टमाटर का जूस, प्यूरी, चटनी, सॉस, कैचप, सूप, अमरूद जैली का पेय, टॉफी, संतरे का माल्टा रस, स्क्वाश, ऑरेंज नेक्टर, मार्मलेड, पील कैंडी, नींबू का रस, रक्वाश, कार्डियल वार्ली-वाटर, अचार, लेमन जिंजर रक्वाश, फूल गोभी का कैनिंग, अचार, गाजर का मोरब्बा, अचार, आंवला का मोरब्बा जैम, बेल का मोरब्बा रक्वाश व मिर्च के अचार और चिली सॉस बनाने के प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
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ग्रीष्म कालीन : पेठा का मोरब्बा, आम का मोरब्बा, अचार, पना, चटनी, जैम, पेय, पपीता का जैम, चटनी, लीची का रक्वाश, कैंड/बाटल्ड, कटहल का अचार, फाल्सा का रस रक्वाश, बेल का रक्वाश, मोरब्बा।
वर्षा कालीन : जामुन का रक्वाश, अन्नास का जैम, रक्वाश, करौँदा का जैली, कृत्रिम चेरी, सेव का जैम, जेली, टॉफी, चटनी आदि बनाने के प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
ऐसे प्राप्त करें प्रशिक्षण
प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए विकास भवन के दक्षिणी गेट के समीप खुले राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण केंद्र पर जाएं। यहां आपको 48 प्रकार के घरेलु उत्पादों की सूची दी जाएगी। जिस उत्पाद के बारे में प्रशिक्षण प्राप्त करना है कर्मचारियों के बताए समयानुसार सामग्री लेकर केंद्र पर पहुंचना होगा। गैस, चुल्हा, वर्तन आदि की व्यवस्था केंद्र पर उपलब्ध है। प्रशिक्षक की देेखरेख में आप खुद ही उत्पाद तैयार कर लेंगे।
इन नंबरों पर लें प्रशिक्षण की जानकारी
- 8299714457 अभिनंदन श्रीवास्तव, केंद्र प्रभारी
- 9984533757 रामकृपाल, कर्मचारी
- 9450684523 विशाल, कर्मचारी
केंद्र की ओर से 48 प्रकार की खाद्य सामग्री बनाने के प्रशिक्षण दिए जाते हैं। सामान लेकर आए लोगों को प्रतिकिलो 15 रुपये शुल्क देना होता है। पहले छात्राओं को प्रशिक्षित करने पर जोर दिया जाता था। जल्द ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- अभिनंदन श्रीवास्तव, प्रभारी राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र।
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देवरिया। मौसमी फल एवं सब्जियों का मजा हर सीजन में चाहिए तो विकास भवन आइए। यहां राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण केंद्र के कर्मचारी 48 प्रकार के घरेलू उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रतिकिलो सामग्री पर 15 रुपये शुल्क देकर मुरब्बा, कैंडी, अचार, चटनी, सॉस कैचप, च्यवनप्राश आदि बहुत कुछ बनाकर घर ले जा सकते हैं। उत्पाद तैयार करने में विभाग के कर्मचारी तकनीकी मदद देंगे।
राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र का दफ्तर जिले में 1966 से स्थापित है। फिर भी ज्यादातर लोग इसकी कार्यकुशलता से अनजान हैं। अन्य विभागों के समान स्थाई जगह नहीं मिलने के कारण यह केंद्र आम जनता की नजरों से 54 साल तक ओझल रहा। इसकी महत्ता को समझते हुए सीडीओ शिवशरणप्पा ने विकास भवन परिसर में कमरा मुहैया कराया है। दक्षिणी गेट के समीप 15 अक्तूबर से राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र संचालित हो रहा है। केंद्र का उदेश्य मौसमी फल एवं सब्जियों को संरक्षित कर विभिंन प्रकार के घरेलु उत्पाद तैयार कराना है। जिससे हर मौसम में लोग स्वादिष्ट एवं पौष्टिक आहार प्राप्त कर सकें।
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मौसम के हिसाब से दिए जाते हैं प्रशिक्षण
शीत कालीन: टमाटर का जूस, प्यूरी, चटनी, सॉस, कैचप, सूप, अमरूद जैली का पेय, टॉफी, संतरे का माल्टा रस, स्क्वाश, ऑरेंज नेक्टर, मार्मलेड, पील कैंडी, नींबू का रस, रक्वाश, कार्डियल वार्ली-वाटर, अचार, लेमन जिंजर रक्वाश, फूल गोभी का कैनिंग, अचार, गाजर का मोरब्बा, अचार, आंवला का मोरब्बा जैम, बेल का मोरब्बा रक्वाश व मिर्च के अचार और चिली सॉस बनाने के प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
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ग्रीष्म कालीन : पेठा का मोरब्बा, आम का मोरब्बा, अचार, पना, चटनी, जैम, पेय, पपीता का जैम, चटनी, लीची का रक्वाश, कैंड/बाटल्ड, कटहल का अचार, फाल्सा का रस रक्वाश, बेल का रक्वाश, मोरब्बा।
वर्षा कालीन : जामुन का रक्वाश, अन्नास का जैम, रक्वाश, करौँदा का जैली, कृत्रिम चेरी, सेव का जैम, जेली, टॉफी, चटनी आदि बनाने के प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
ऐसे प्राप्त करें प्रशिक्षण
प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए विकास भवन के दक्षिणी गेट के समीप खुले राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण केंद्र पर जाएं। यहां आपको 48 प्रकार के घरेलु उत्पादों की सूची दी जाएगी। जिस उत्पाद के बारे में प्रशिक्षण प्राप्त करना है कर्मचारियों के बताए समयानुसार सामग्री लेकर केंद्र पर पहुंचना होगा। गैस, चुल्हा, वर्तन आदि की व्यवस्था केंद्र पर उपलब्ध है। प्रशिक्षक की देेखरेख में आप खुद ही उत्पाद तैयार कर लेंगे।
इन नंबरों पर लें प्रशिक्षण की जानकारी
- 8299714457 अभिनंदन श्रीवास्तव, केंद्र प्रभारी
- 9984533757 रामकृपाल, कर्मचारी
- 9450684523 विशाल, कर्मचारी
केंद्र की ओर से 48 प्रकार की खाद्य सामग्री बनाने के प्रशिक्षण दिए जाते हैं। सामान लेकर आए लोगों को प्रतिकिलो 15 रुपये शुल्क देना होता है। पहले छात्राओं को प्रशिक्षित करने पर जोर दिया जाता था। जल्द ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- अभिनंदन श्रीवास्तव, प्रभारी राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र।