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रामजानकी मार्ग पर दबाव बना रही सरयू नदी खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर
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रामजानकी मार्ग पर दबाव बना रही सरयू नदी खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर
बरहज। सरयू नदी में सैलाब उमड़ आया है। जिससे नदी खतरे के निशान से एक मीटर 30 सेमी ऊपर बह रही है। नदी के उफनाने से परसियां-विशुनपुर देवार के 22 टोले और भदिला प्रथम गांव बाढ़ के पानी से घिर गया है। जबकि रामजानकी मार्ग पर नदी दबाव बना रही है। जिसको लेकर लोगों में दहशत है।
रविवार को सरयू के जलस्तर में 10 सेमी का इजाफा दर्ज किया गया। नदी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 30 सेमी ऊपर 67.80 पर बह रही है। नदी में आई आफत के कारण बाढ़ का पानी कपरवार के मठियां, कुवाईच टोला, नौका टोला, बेलडॉड, कटइलवा तक पहुंच गया है। परसियां-विशुनपुर देवार के 22 टोलों में पानी घुस गया है। वहीं भदिला प्रथम, गोरखपुर जनपद का कोलखास टापू बना हुआ है। पटेल नगर पूरब, पुराना बरहज, आजाद नगर दक्षिणी, रगरगंज, मेहियवां तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। सरयू में उमड़ रहे सैलाब से राप्ती नदी भी उफान पर है। बिनवापुरी गांव के निकट रुद्रपुर मार्ग तक नदी का पानी पहुंच गया है। जबकि तटवर्ती गांवों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। नदी में आई बाढ़ से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। जरुरत के सामानों के लिए लोगों को नाव से जान जोखिम में डाल सफर करना पड़ रहा है। नदी का वेग थमने के बाद जलस्तर में निरंतर हो रहे इजाफा से लोगों की सांसे अटकी हुई हैं। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि जलस्तर में निरंतर बढ़त दर्ज की जा रही है। जिसको लेकर हालात पर नजर रखी जा रही है।
आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ रही सरयू नदी
भागलपुर। सरयू नदी का जल स्तर पल-पल बदल रहा है। पिछले दो दिनों में नदी का जलस्तर कई बार बदलता नजर आया। दो दिन पहले तेज बढ़ाव से तटवर्ती लोगों को बेचैन करने वाली सरयू नदी शनिवार दोपहर तक स्थिर थी। लेकिन शनिवार शाम से नदी दोबारा आधा सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ने लगी और खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई।
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पिछले 12 घंटे से सरयू का रूप देख कर ग्रामीण काफी दहशत में है। क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी के उतार-चढ़ाव के बाद बढ़ने से स्थिति और विकराल हो सकती है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार तुर्तीपार रेगुलेटर पर शनिवार दोपहर नदी का जलस्तर 65.20 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान 64.30 मीटर से 90 सेंटीमीटर ऊपर है। शनिवार को नदी का जलस्तर 65.14 मीटर था। 12 घंटे में नदी में 6 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। केंद्रीय जल आयोग के जेई के अनुसार, पहाड़ी इलाकों और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश की वजह से नदी में बार-बार परिवर्तन हो रहा है। कर्मचारियों को मीटर पर निगरानी रखने को कहा गया है।
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बरहज। सरयू नदी में सैलाब उमड़ आया है। जिससे नदी खतरे के निशान से एक मीटर 30 सेमी ऊपर बह रही है। नदी के उफनाने से परसियां-विशुनपुर देवार के 22 टोले और भदिला प्रथम गांव बाढ़ के पानी से घिर गया है। जबकि रामजानकी मार्ग पर नदी दबाव बना रही है। जिसको लेकर लोगों में दहशत है।
रविवार को सरयू के जलस्तर में 10 सेमी का इजाफा दर्ज किया गया। नदी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 30 सेमी ऊपर 67.80 पर बह रही है। नदी में आई आफत के कारण बाढ़ का पानी कपरवार के मठियां, कुवाईच टोला, नौका टोला, बेलडॉड, कटइलवा तक पहुंच गया है। परसियां-विशुनपुर देवार के 22 टोलों में पानी घुस गया है। वहीं भदिला प्रथम, गोरखपुर जनपद का कोलखास टापू बना हुआ है। पटेल नगर पूरब, पुराना बरहज, आजाद नगर दक्षिणी, रगरगंज, मेहियवां तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। सरयू में उमड़ रहे सैलाब से राप्ती नदी भी उफान पर है। बिनवापुरी गांव के निकट रुद्रपुर मार्ग तक नदी का पानी पहुंच गया है। जबकि तटवर्ती गांवों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। नदी में आई बाढ़ से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। जरुरत के सामानों के लिए लोगों को नाव से जान जोखिम में डाल सफर करना पड़ रहा है। नदी का वेग थमने के बाद जलस्तर में निरंतर हो रहे इजाफा से लोगों की सांसे अटकी हुई हैं। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि जलस्तर में निरंतर बढ़त दर्ज की जा रही है। जिसको लेकर हालात पर नजर रखी जा रही है।
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आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ रही सरयू नदी
भागलपुर। सरयू नदी का जल स्तर पल-पल बदल रहा है। पिछले दो दिनों में नदी का जलस्तर कई बार बदलता नजर आया। दो दिन पहले तेज बढ़ाव से तटवर्ती लोगों को बेचैन करने वाली सरयू नदी शनिवार दोपहर तक स्थिर थी। लेकिन शनिवार शाम से नदी दोबारा आधा सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ने लगी और खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई।
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पिछले 12 घंटे से सरयू का रूप देख कर ग्रामीण काफी दहशत में है। क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी के उतार-चढ़ाव के बाद बढ़ने से स्थिति और विकराल हो सकती है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार तुर्तीपार रेगुलेटर पर शनिवार दोपहर नदी का जलस्तर 65.20 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान 64.30 मीटर से 90 सेंटीमीटर ऊपर है। शनिवार को नदी का जलस्तर 65.14 मीटर था। 12 घंटे में नदी में 6 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। केंद्रीय जल आयोग के जेई के अनुसार, पहाड़ी इलाकों और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश की वजह से नदी में बार-बार परिवर्तन हो रहा है। कर्मचारियों को मीटर पर निगरानी रखने को कहा गया है।