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यूपी बोर्ड : संस्कृत विषय ने छात्रों की बढ़ाईं मुश्किलें, 49 फीसदी फेल

Sat, 04 Jul 2020 12:36 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2020 12:36 AM IST
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sanskrit subject increased difficulties 49 failed
गोरखपुर। यूपी बोर्ड के दसवीं और बारहवीं के परिणाम में संस्कृत विषय ने छात्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गोरखपुर जोन के विद्यार्थियों का इस विषय में प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। भाषा की क्लिष्टता कहें या छात्रों की विषय में अरुचि, परिणाम खासे चौंकाने वाले रहे हैं। हाईस्कूल में जहां 49 फीसदी विद्यार्थी फेल हुए हैं वहीं 12वीं में यह 42 प्रतिशत है। मिले नतीजों पर जिम्मेदार मंथन कर रहे हैं कि आखिर में किन स्तरों पर चूक हो गई।
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गणित व अंग्रेजी तक में मिले हैं अच्छे नंबर
छात्रों को अंग्रेजी और हिंदी विषय में जमकर नंबर मिले हैं, वहीं देव भाषा संस्कृत का परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। गोरखपुर जोन में हाईस्कूल में जहां 49 फीसदी तो इंटर में 42 फीसदी विद्यार्थी फेल हुए हैं। इस विषय में विद्यार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत क्रमश: 51 फीसदी और 58 फीसदी रहा है। क्षेेत्रीय बोर्ड कार्यालय, गोरखपुर के आंकड़ों पर गौर करें तो अंग्रेजी का परिणाम 82 और हिंदी का 83 फीसदी रहा है।
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गणित का परिणाम भी संस्कृत से अच्छा गया है। इस बार हाई स्कूल के गणित में 77.31 तो इंटर में 64.79 फीसदी बच्चे पास हुए हैं। गोरखपुर जोन के हाई स्कूल हिंदी में 418221 बच्चों ने परीक्षा दी है। जिसमें 344343 बच्चे सफल हुए। इंटर हिंदी के पेपर में 123408 बच्चे बैठे थे। जिसमें से 87394 बच्चे पास हुए। इस तरह से इंटर में हिंदी में कुल 70.82 प्रतिशत बच्चे पास हुए।
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कक्षावार दसवीं और बारहवीं का परिणाम
दसवीं- संस्कृत 51 प्रतिशत
दसवीं - अंग्रेजी 81.87 प्रतिशत
दसवीं- हिंदी 82.34 प्रतिशत
बारहवीं- संस्कृत 58 प्रतिशत
बारहवीं- अंग्रेजी 73. 61 प्रशित
बारहवीं- हिंदी 70. 82 प्रतिशत
यूपी बोर्ड की परीक्षा में संस्कृत का परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा, इस पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। संस्कृत के शिक्षकों के लिए बैठक का आयोजन कर समस्या के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जाएगा ताकि अगले वर्ष अपेक्षा के अनुरूप परिणाम मिल सकें।
ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया, डीआईओएस
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