खुशखबर: गोरखपुर विश्वविद्यालय में बनेगा सिंथेटिक एथलीट ट्रैक, साईं ने दी मंजूरी
गोविवि कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि खेलो इंडिया के तहत चार योजनाएं तैयार कराकर प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया था। साईं ने इनमें से एक सिंथेटिक एथलीट ट्रैक तैयार करने की मंजूरी दे दी है। जल्द ही 9.12 रुपये का बजट जारी हो जाएगा।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में जल्द ही राष्ट्रीय स्तर की एथलीट प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके लिए आठ लेन की सिंथेटिक एथलीट ट्रैक बनाया जाएगा। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साईं) ने इसकी मंजूरी दे दी है। खेलो इंडिया के तहत भारत सरकार से जल्द ही 9.12 करोड़ रुपये का बजट आवंटित होगा।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने खेलो इंडिया के तहत पिछले वर्ष 32.7 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया था। तत्कालीन क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष प्रो. अजय शुक्ला के प्रस्ताव में कुछ संशोधन के बाद विश्वविद्यालय ने इसे राज्य सरकार को भेज दिया था।
राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव का अध्ययन करने के बाद अनुमोदन देकर भारत सरकार के पास भेजा था। जिसके बाद साईं की टीम ने विश्वविद्यालय का दौरा किया। प्रस्ताव के मुताबिक खेल को बढ़ावा देने के लिए संभावनाओं को तलाशा। अब साईं ने सिंथेटिक एथलीट ट्रैक बनाने की मंजूरी दे दी है। इस ट्रैक के बनने के बाद खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर का एथलीट ट्रैक मिल जाएगा।
संसाधन के अभाव में पलायन करते हैं खिलाड़ी
गोरखपुर विश्वविद्यालय से 339 महाविद्यालय संबद्ध हैं और करीब 2.5 लाख विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों से बहुत सारे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, लेकिन संसाधनों के अभाव में खिलाड़ी दूसरे राज्यों की ओर रुख कर लेते हैं। खेलों को बढ़ावा देने के मकसद से विश्वविद्यालय की ओर से यह पहल की गई है।
आठ लेन का बनेगा सिंथेटिक एथलीट ट्रैक
विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन स्टेडियम परिसर में आठ लेन का सिंथेटिक एथलीट ट्रैक तैयार किया जाएगा। इसकी लागत 9.12 करोड़ रुपये आएगी। यह ट्रैक 400 मीटर का होगा। निर्माण के लिए अब साईं एजेंसी तय करेगी।
गोविवि कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि खेलो इंडिया के तहत चार योजनाएं तैयार कराकर प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया था। साईं ने इनमें से एक सिंथेटिक एथलीट ट्रैक तैयार करने की मंजूरी दे दी है। जल्द ही 9.12 रुपये का बजट जारी हो जाएगा। एथलीट ट्रैक बनने से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सकेंगी। इससे खेल को बढ़ावा मिलेगा।