गोरखपुर: मुर्गी-बकरी पालन से ग्रामीण महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर, 1330 को दिया प्रशिक्षण
पशुपालन विभाग ने 20 ब्लॉक की 1330 महिलाओं को दिया प्रशिक्षण, बकरी और मुर्गी पालन केंद्र खुलने से मनरेगा के तहत सृजित होंगे रोजगार।
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गोरखपुर जिले की 1330 महिलाएं मुर्गी-बकरी पालन कर आत्मनिर्भर बनेंगी। मुर्गी और बकरी पालन केंद्र का निर्माण मनरेगा से कराया जाएगा। केंद्रों के निर्माण से मनरेगा मजदूरों के लिए 1,12,583 दिन का रोजगार सृजित होगा।
ग्रामीण इलाकों में रोजगार सृजन और महिला समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), पशुपालन विभाग और मनरेगा संयुक्त रूप से योजना को लागू करेंगे। इसके तहत पशुपालन विभाग ने एनआरएलएम के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं 1330 महिलाओं को मुर्गी एवं बकरी पालन का प्रशिक्षण दिया।
विभाग के 38 पशु चिकित्साधिकारियों ने दो दिवसीय प्रशिक्षण में महिलाओं को मुर्गी और बकरी पालन की बारीकियां बताईं और टीकाकरण, पोषण, विपणन आदि की जानकारी दी। पशु चिकित्सक डॉ. संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिलाधिकारी विजय किरन आनंद के निर्देश पर सभी ब्लॉकों पर महिलाओं को पशुपालन का प्रशिक्षण दिया गया। सभी 1294 ग्राम पंचायतों में बकरी पालन शेड और मुर्गी पालन केंद्र का निर्माण किया जाएगा। इससे प्रत्येक ग्राम पंचायत में कई परिवारों को रोजगार मिलेगा।
मनरेगा मजदूरों को मिलेगा रोजगार
हर ग्राम पंचायत में एक बकरी पालन केंद्र और मुर्गी पालन शेड का निर्माण मनरेगा कंवर्जेंस के तहत कराया जाएगा। एक बकरी पालन केंद्र बनाने में 46 और मुर्गी पालन शेड निर्माण में 41 मानव दिवस सृजित होंगे। इस आधार पर 1294 मुर्गी पालन शेड निर्माण में 59,529 मानव दिवस का सृजन होगा। जबकि बकरी पालन केंद्र निर्माण से 53,054 मानव दिवस का सृजित होंगे। यानी कुल 1,12,583 मानव दिवस सृजित होंगे।
मवेशियों पर निर्भर हैं कई परिवार
गांवों में कई जरूरतमंद परिवार मवेशियों पर निर्भर होते हैं, लेकिन मवेशी रखने के लिए उनके पास जगह नहीं होती है। जिन परिवारों के पास आश्रय स्थल बनाने के लिए संसाधन नहीं होते, उनका चयन किया जा रहा। योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमंतू जनजाति एवं गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों का चयन किया जा रहा है।
खर्च होंगे 28.76 करोड़ रुपये
जिला पंचायत राज अधिकारी हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि बकरी शेड एवं मुर्गी पालन केंद्र बनाने में 28.76 करोड़ जबकि 1294 बकरी पालन केंद्रों के निर्माण में कुल 13.77 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मनरेगा के तहत बकरी शेड एवं मुर्गी पालन केंद्र का निर्माण होगा। सभी ब्लॉक में प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा कर लिया गया है। इससे मुर्गी और बकरी पालन से जुड़े परिवारों को गांव में रोजगार मिलेगा, वे स्वावलंबी भी होंगे।