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बाढ़ का खतरा: खतरे के निशान से ऊपर बह रही रोहिन नदी, इस वजह से बढ़ रहा नदियों का जलस्तर

Tue, 06 Jul 2021 04:08 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 06 Jul 2021 04:08 PM IST
सार

राप्ती, गोर्रा व घाघरा नदी खतरे के निशान से नीचे, बढ़त जारी, पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण जिले की नदियों का बढ़ रहा जलस्तर

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Rohin river flowing above danger mark in Gorakhpur
गोरखपुर राप्ती नदी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण गोरखपुर जिले में बहने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। रोहिन नदी जो चंद रोज पहले खतरे के निशान से ढाई मीटर नीचे बह रही थी व अचानक खतरे के निशान को पार कर गई।
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मंगलवार तक नदी खतरे के निशान से 85 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। उसके बढ़ने का क्रम अभी जारी है। इसके साथ ही जिले की अन्य नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। फिलहाल अन्य नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं।
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केंद्रीय जल आयोग से मिले आंकड़ों के मुताबिक जनपद में बहने वाली नदी घाघरा, राप्ती, गोर्रा सभी का जलस्तर बढ़ रहा है। फिर भी सभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। एक मात्र रोहिन नदी है जो खतरे के निशान को पार कर बह रही है। रोहिन नदी नेपाल की पहाड़ियों से निकलकर गोरखपुर के पास डोमिनगढ़ में राप्ती नदी में मिलती है। इसके जलस्तर के बढ़ने का असर राप्ती नदी पर भी पड़ता है।
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नदियों का जलस्तर
  • रोहिन तिनमुहानी घाट सुबह  83.220 शाम को 83.290 खतरे का निशान 82.440
  • घाघरा अयोध्या सुबह 91.3309 शाम 91.288 खतरे का निशान 92.730
  • राप्ती वर्डघाट सुबह 73.220 शाम को 73.330 खतरे का निशान 74.980
  • गोर्रा पिड़रा सुबह 67.950 शाम को 68.100 खतरे का निशान 70.500
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