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आरएमआरसी: जीनोम सीक्वेंसिंग और एंटीबाडी की हो सकेगी जांच, बाहर नहीं भेजना होगा नमूना

Fri, 15 Apr 2022 11:28 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 15 Apr 2022 11:28 AM IST
सार

माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि नए स्ट्रेन का पता लगाने के लिए नमूने केजीएमयू भेजे गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि तीन से चार दिनों के अंदर रिपोर्ट आ जाएगी। ब्यूरो

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RMRC Genome sequencing and antibody testing in gorakhpur
गोरखपुर आईसीएमआर आरएमआरसी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) को जीन सीक्वेंसर और फ्लोसाइकोमीटर मशीनें मिल गई हैं। अब वायरस के नए स्ट्रेन का पता भी लगाया जा सकेगा। साथ ही जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच भी की जा सकेगी। मशीनों को इंस्टाल करने का काम भी शुरू कर दिया गया है।

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जानकारी के मुताबिक, अब तक जीनोम सीक्वेंसिंग जांच के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज नमूना केजीएमयू भेजता था। रिपोर्ट मिलने में चार से पांच दिन का समय लगता था। कभी-कभी तो नमूने खराब हो जाते थे। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल आरएमआरसी के पांच मंजिला भवन का उद्घाटन किया था। इसके बाद मशीनें आनी थी, लेकिन कुछ कारणों की वजह से मशीनें उस वक्त नहीं आ सकी थीं। इस बीच अब आरएमआरसी को नई मशीनें मिल गई हैं।
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आरएमआरसी के मीडिया प्रभारी व सीनियर वैज्ञानिक डॉ. अशोक पांडेय ने बताया कि जीन सीक्वेंसर मशीन और फ्लोसाइकोमीटर मशीनें मिल गई हैं। दोनों के इंस्टाल करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। इसमें करीब 15 से 20 दिन का समय लगता है। फ्लोसाइकोमीटर से खून की जांच और एंटीबाडी का पता लगाया जाता है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद पूर्वांचल में नई बीमारियों पर शोध भी हो सकेगा। साथ ही नई बीमारियों की जानकारी भी हो सकेगी।
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65 लोगों के नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए
नए स्ट्रेन का पता लगाने के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने एक बार फिर 65 नमूने जीनोम सीक्वेसिंग जांच के लिए केजीएमयू भेजा है। तीन से चार दिनों के अंदर इनकी रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद से यह पता लगेगा कि मौजूदा समय में कौन सा स्ट्रेन जिले में मिल रहा है। माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि नए स्ट्रेन का पता लगाने के लिए नमूने केजीएमयू भेजे गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि तीन से चार दिनों के अंदर रिपोर्ट आ जाएगी।

कोरोना : एक सप्ताह बाद दो संक्रमित मिले
कोरोना संक्रमण की जांच में एक सप्ताह बाद बृहस्पतिवार को दो मरीज कोरोना संक्रमित मिले हैं। अब सक्रिय मरीजों की संख्या चार हो गई है। इससे पूर्व सात अप्रैल को एक संक्रमित मरीज मिले थे। ब्यूरो

8,812 लोगों को लगा कोरोनारोधी टीका
कोविड टीकाकरण अभियान के तहत शुक्रवार को 250 बूथ बनाए गए थे। इन बूथों पर 8,812   से लोगों को टीका लगाया गया। इसके बाद से टीकाकरण का आंकड़ा 70 लाख 93 हजार से अधिक पहुंच गया है। इसमें पहली डोज वालों की संख्या 39 लाख 24 हजार और दूसरी डोज वालों की संख्या 31 लाख से अधिक पहुंच गई है।

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