UP News: चेन्नई से लाए जा रहे रेटिकुलेटेड पाइथन की कानपुर में हुई मौत, आ रहा था गोरखपुर चिड़ियाघर
चिकित्साधिकारी डॉ योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि लगभग 2400 किलोमीटर की दूरी से वन्य जीवों को लाया जाना था। कानपुर की टीम लेने गई थी। वहां से दो बोनट बंदर और दो पाइथन को लेकर टीम चली। कानपुर पहुंचते-पहुंचते दोनों अजगरों की तबीयत खराब हो गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अशफाक उल्लाह खां प्राणि उद्यान गोरखपुर लाए जा रहे दोनों रेटिकुलेटेड पाइथन (लंबी प्रजाति के अजगर) की मौत हो गई। चेन्नई के जूलॉजिकल पार्क से दोनों पाइथन को लाया जाना था। इसके लिए कानपुर की टीम गई थी। कानपुर से फिर इन्हें गोरखपुर भेजा जाना था। लेकिन, लंबे सफर और विपरीत मौसम के कारण दोनों अजगरों की मौत हो गई। वहीं, चेन्नई से लाए गए बोनट बंदर बुधवार की सुबह गोरखपुर पहुंच गए।
चिकित्साधिकारी डॉ योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि लगभग 2400 किलोमीटर की दूरी से वन्य जीवों को लाया जाना था। कानपुर की टीम लेने गई थी। वहां से दो बोनट बंदर और दो पाइथन को लेकर टीम चली। कानपुर पहुंचते-पहुंचते दोनों अजगरों की तबीयत खराब हो गई। इसलिए उन्हें गोरखपुर नहीं लाया गया। बुधवार की सुबह दोनों की मौत की सूचना आ गई।
बताया कि अब नए सिरे से दो पाइथन को लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए इस बार वातानुकूलित वाहन का इंतजाम किया जाएगा। फिलहाल, चिड़ियाघर लाए गए दोनों बोनट बंदर चिड़ियाघर के अस्पताल में हैं। इन्हें चिकित्सकीय परीक्षण और क्वारंटीन की अवधि पूरी करने के बाद बाड़े में भेजा जाएगा।
इजराइल की टीम की मदद से लखनऊ से गोरखपुर लाया जाएगा जेब्रा
पिछले डेढ़ वर्ष से गोरखपुर चिड़ियाघर जेब्रा के आने का इंतजार कर रहा है। इजराइल से आए जेब्रा को लखनऊ से गोरखपुर लाए जाने के लिए अब नई योजना बनाई गई है। इसके लिए इजराइल से वन्य जीवों की टीम बुलवाई जा सकती है। टीम के मार्गदर्शन में ही जेब्रा को गोरखपुर चिड़ियाघर लाने की तैयारी है।
हालांकि, इसके पहले एक छह सदस्यीय बनाई जाएगी। इसमें कानपुर और गोरखपुर चिड़ियाघर के निदेशक, दोनों पशु चिकित्साधिकारी, आईवीआरआई बरेली से एक सदस्य और वाइल्ड लाइफ कॉलेज, मथुरा से एक एक्सपर्ट होंगे। टीम को 13 अप्रैल तक परीक्षण करना होगा कि आखिर जेब्रा को गोरखपुर कैसे लाया जा सकता है।
इसे भी पढ़ें: मासूम की हत्या कर पिता को नहीं है पछतावा, बोला- ऐसी बेटी दुश्मन के घर भी न जन्मे
सूत्रों ने बताया कि इजराइल से लाए गए छह जेब्रा में से एक की मौत लखनऊ चिड़ियाघर में ही हो गई थी। जिसे गोरखपुर लाया जाना है, वह पिछले डेढ़ वर्ष से माहौल में ढल नहीं पा रहा। ऐसे में टीम भी बिना खतरा उठाए इजराइल वाली टीम पर अधिक विश्वास जता रही है।
13 अप्रैल को रिपोर्ट देने के बाद रणनीति तैयार की जा जाएगी। डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि जेब्रा को लखनऊ से गोरखपुर लाने के लिए एक टीम का गठन किया गया है। 13 अप्रैल को रिपोर्ट के आधार पर आगे की योजना बनेगी। इजराइल से भी टीम को बुलवाया जा सकता है।
बाड़े में कूलर लगने शुरू, पुआल भी बिछेगा
गोरखपुर चिड़ियाघर में वन्य जीवों के बाड़ों में कूलर लगने शुरू हो गए हैं। उन्हें गर्मी में राहत दिलाने के लिए कूलर लगाने के अलावा पुआल भी बिछाया जाएगा। गर्मी में बाड़े के अंदर नमी बनी रहे, इसका इंतजाम भी किया गया है। शेर, भालू, तेंदुए, गेंडा, बाघ व अन्य जीवों के लिए कूलर लगाए गए हैं। जबकि, सांप और अजगर वाले कुछ सर्पेंटेरियम में एसी की व्यवस्था की गई है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि बाड़ों में कूलर लगाए जा रहे हैं। गर्मी को देखते पहले से ही तैयारी कर ली गई है।