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गोरखपुर झंडा विवाद: बरामद झंडे की जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता, इस वजह से हुआ था बवाल
Thu, 11 Nov 2021 09:09 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 11 Nov 2021 09:09 PM IST
सार
मुंडेरा बाजार के एक घर पर लगे झंडे को लेकर बुधवार को हुआ था बवाल, घर से पांच झंडे भी बरामद, चार लोगों के खिलाफ दर्ज है देशद्रोह का केस।
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झंडे को लेकर हुआ बवाल।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर के मुंडेरा बाजार के एक मकान पर पाकिस्तानी झंडा लहराए जाने का फोटो वायरल होने के मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। नाराज लोगों ने बुधवार शाम आरोपी के घर व गाड़ी में तोड़फोड़ की थी। बृहस्पतिवार को अफसरों ने दिनभर घटना से जुड़े लोगों से फीडबैक लिया। हालांकि, प्रकरण में नामजद लोगों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि मौके से मिले झंडे की जांच के बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी।
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चौरीचौरा थाना क्षेत्र के मुंडेरा बाजार नगर पंचायत के वार्ड नंबर 10 निराला नगर निवासी तालिम के घर की छत पर लगे झंडे का फोटो बुधवार को वायरल हुआ था। वायरल फोटो में झंडा पाकिस्तान का बताते हुए लोग विरोध जताते हुए मौके पर पहुंच गए। शाम को भीड़ जुटी तो हंगामा होने लगा।
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छठ घाटों पर सुरक्षा में लगे पुलिस अफसर भागकर मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझाने का प्रयास किया लेकिन लोगों का कहना था कि यहां पाकिस्तानी झंडा फहराया गया है। ब्राह्मण कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित कल्याण पांडेय की तहरीर पर पुलिस ने देर रात तालिम, पप्पू, आशिक व आरिफ के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपी के घर से पांच झंडा भी बरामद किया है।
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चौरीचौरा इंस्पेक्टर श्याम बहादुर सिंह का कहना है कि मामला अति संवेदनशील है। इसलिए गंभीरता से जांच की जा रही है। फोटो को वायरल करने वाले की भी पहचान की जा रही है। प्रथम दृष्टया हुई जांच में पता लगा है कि झंडे को 40 दिन पूर्व लगाया गया था। शुक्रवार को इसे अचानक पाकिस्तानी झंडा बताकर वायरल किया गया।
त्योहार के लिए बनाया था झंडा
आरोपी तालीम की मां शाहजहां ने बताया कि बारह रबी उल औव्वल के पर्व पर झंडे को खुद सिला था। त्योहार के दिन ही मकान पर लगाया गया था। झंडे का विवाद पैदा करके उनके परिवार को फर्जी ढंग से फंसा दिया गया है।