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रीयल टाइम खतौनी: सिर्फ ऑनलाइन डाटा चढ़ने से खाते अलग-अलग..हिस्सा ढूंढते रह जाएंगे

Sat, 06 Jan 2024 12:01 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 06 Jan 2024 12:01 PM IST
सार

डीएम कृष्णा करुणेश ने कहा कि रीयल टाइम खतौनी का काम 80 फीसदी पूरा हो गया है। जल्द ही सभी गांवाें का काम पूरा करा लिया जाएगा। रीयल टाइम खतौनी से लोगों को बहुत सहूलियत होगी। वे ऑनलाइन डेटा कहीं से भी प्राप्त कर लेंगे, अनावश्यक भागदौड़ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
 

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Real time Khatauni Accounts different just by uploading data online
सदर तहसील में खतौनी के लिए लाइन में खड़े लोग। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

भूमि का बैनामा कराने के बाद खतौनी पर नाम चढ़वाने और हटवाने में तहसील का चक्कर न काटना पड़े, इसके लिए रीयल टाइम खतौनी की शुरुआत की गई है। यानी बैनामा कराने के साथ ही सारा रिकॉर्ड खतौनी में दर्ज हो जाएगा। यही नहीं, खातादारों के पास कितनी जमीन बची है, यह भी देखा जा सकेगा।

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सिस्टम की सुस्त चाल से ऑनलाइन डाटा ही चढ़ सका है। रीयल टाइम खतौनी पूरी तरह से अपडेट नहीं पाई है। अभी एक ही गाटा संख्या में सभी खातेदारों का नाम दिख रहा है। अगर आपको अपने खेत या जमीन की जानकारी जुटानी है तो ढूंढते रह जाएंगे। जब तक चढ़ावा नहीं देंगे, आपको सटीक जानकारी नहीं मिल पाएगी।
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सदर तहसील में कुल 618 गांव हैं, इनमें से 465 गांवों का रीयल टाइम खतौनी अपडेट हो चुका हैं, लेकिन इसमें भी खतौनी में एक ही गाटा संख्या में कई खातेदारों का नाम दिख रहा है। यह जब तक अलग-अलग वर्गीकरण कर अपलोड नहीं किया जाएगा, सामूहिक ही ब्योरा दिखेगा। इसके अलावा अब मौखिक आदेश की जगह ई-परवाना आएगा, यानि सबकुछ ऑनलाइन होगा, कहीं भी भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
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जानकारों की मानें तो अभी इसमें समय लगेगा। अधिवक्ता व्यंटेकश्वर तिवारी कहते हैं- रीयल टाइम खतौनी अगर पूरी तरह से अपडेट हो जाए तो लोगों को बहुत सहूलियत होगी। जिनका डाटा ऑनलाइन नहीं हो पाया है, उनके मामले महीने से लटके पड़े हैं। इसके चक्कर में अपनी जमीन बेच नहीं पा रहे हैं। अगर खरीदे हैं तो नाम दर्ज नहीं हो पा रहा है।

 

रोजाना 500 से ज्यादा लोग लेते हैं खतौनी
सदर तहसील से रोजाना 500 से ज्यादा लोग खतौनी लेते हैं। इनमें 300 से ज्यादा लोग तहसील आते हैं, बाकी ऑनलाइन निकलवा लेते हैं। शुक्रवार को दोपहर करीब ढाई बजे सदर तहसील में खतौनी लेने के लाइन लगी थी। बुद्ध विहार पार्ट सी के सुरेश तिवारी ने बताया कि उन्हें जमीन बेचनी है। एक ही गाटा में कई खातेदारों का नाम है। उनकी जमीन जहां है वह अभी रीयल टाइम अपडेट नहीं है। जिन्हें खरीदनी है वे कागज मांग रहे हैं। दो बार आ चुका हूं लेखपाल ही नहीं मिल रहे हैं। एक अधिवक्ता से संपर्क साधा है। रुपये तो खर्च हुए हैं लेकिन भागदौड़ से राहत मिल जाएगी। उन्होंने कहा है कि लेखपाल से मिलकर सभी खातेदारों का हिस्सा अलग निकलवा देंगे।

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दो से तीन महीने लग रहे खतौनी में नाम चढ़ने में
संपत्ति का बैनामा कराने के बाद नामांतरण में अभी दो से तीन महीने लग जा रहे हैं। जबकि, 45 दिनों में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। नाम जल्द चढ़वाने के लिए बिना चढ़ावा भागदौड़ करते रह जाएंगे।

डीएम कृष्णा करुणेश ने कहा कि रीयल टाइम खतौनी का काम 80 फीसदी पूरा हो गया है। जल्द ही सभी गांवाें का काम पूरा करा लिया जाएगा। रीयल टाइम खतौनी से लोगों को बहुत सहूलियत होगी। वे ऑनलाइन डेटा कहीं से भी प्राप्त कर लेंगे, अनावश्यक भागदौड़ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
 
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