{"_id":"629a23f8d9ba9d3d524060b4","slug":"ramnath-kovind-will-be-econd-president-to-visit-gita-press","type":"story","status":"publish","title_hn":"President Visit: गीता प्रेस आने वाले दूसरे राष्ट्रपति होंगे रामनाथ कोविंद, 67 साल पहले आए थे डॉ. राजेंद्र प्रसाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
President Visit: गीता प्रेस आने वाले दूसरे राष्ट्रपति होंगे रामनाथ कोविंद, 67 साल पहले आए थे डॉ. राजेंद्र प्रसाद
Sat, 04 Jun 2022 05:22 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 04 Jun 2022 05:22 AM IST
सार
देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद 67 साल पहले गीता प्रेस आए थे। डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ही गीता प्रेस में स्थित लीला चित्र मंदिर मुख्य द्वार का लोकार्पण किया था।
विज्ञापन
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। (फाइल)
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
चार जून को गोरखपुर आ रहे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दूसरे ऐसे राष्ट्रपति होंगे जो गीता प्रेस जाएंगे। इससे पहले देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद 67 साल पहले गीता प्रेस आ चुके हैं।
विज्ञापन
गीता प्रेस प्रबंधन के मुताबिक 29 अप्रैल 1955 में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद गीता प्रेस आए थे। और गीता प्रेस में स्थित विश्व प्रसिद्ध लीला चित्र मंदिर और गीता प्रेस के मुख्य द्वार का उन्होंने लोकार्पण किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि धर्म के प्रचार प्रसार में गीता प्रेस का महत्वपूर्ण योगदान है। साथ ही उन्होंने लीला चित्र मंदिर और मुख्यद्वार की खूब प्रशंसा की थी।
विज्ञापन
बता दें कि देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने जिस मुख्यद्वार का लोकार्पण किया था, उस द्वार में कई तीर्थों के दर्शन एक साथ हो जाते हैं। दुनिया में ऐसा कोई दूसरा द्वार नहीं है जिसमें एक साथ इतने तीर्थों के दर्शन हो सके। चारों दिशाओं से यह द्वार अनूठा दिखता है। गीता प्रेस के मुख्य द्वार पर हिंदू के साथ बौद्ध, जैन और सिख धर्मों के पूजा स्थलों का समावेश है। जो लोग गीता प्रेस आते हैं वह इसके मुख्य द्वार के सामने शीश नवाना नहीं भूलते हैं।
विज्ञापन
वहीं बात करें लीला चित्र मंदिर की तो गीता प्रेस में स्थित लीलाचित्र मंदिर के जैसा मंदिर पूरी दुनिया में कहीं नहीं है। यहां श्रीमद्भागवत गीता के 18 अध्याय दीवारों पर लिखे गए हैं। यहां बीके मित्रा, जगन्नाथ और भगवानदास द्वारा बनाए गए देवी-देवताओं के 700 से अधिक चित्र हैं। इनकी सुंदरता देखकर मन प्रफुल्लित हो उठता है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे दो पुस्तकों का विमोचन
गीता प्रेस प्रबंधन के मुताबिक चार जून को गीता प्रेस आ रहे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शताब्दी वर्ष समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम में दो पुस्तकों का विमोचन भी करेंगे। इसमें तीन सौ रंगीन चित्रों के साथ आर्टपेपर पर प्रकाशित ‘श्रीरामचरितमानस’ और गीता प्रेस के संस्थापक जयदयाल गोयंदका द्वारा लिखित ‘गीता तत्वविवेचनी’ के परिवर्धित संस्करण शामिल हैं। इसके साथ ही राष्ट्रपति लीला चित्र मंदिर, प्रेस का भ्रमण करने के साथ ही संगोष्ठी का संबोधित करेंगे।