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पूर्वांचल में पहुंच रहा पानी: पहाड़ पर न मैदानी इलाकों में बारिश, फिर भी बढ़ रहीं नदियां

Tue, 30 Aug 2022 03:46 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 30 Aug 2022 03:46 PM IST
सार

सरयू नदी का पानी बढ़ा तो वह राप्ती में आएगा। उसका जलस्तर सोमवार शाम 72.60 सेमी था। लेकिन, उसके खतरे का निशान 74.98 सेमी है। वह खतरे के निशान से काफी नीचे है। संभावना है कि इसके भी जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।

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Rain in plains neither on mountain yet rivers rising
गोरखपुर की नदियों। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जनपद में बहने वाली सभी नदियां नेपाल की पहाड़ी से निकलकर मैदानी इलाकों में आती हैं। इधर काफी दिनों से न तो नेपाल की पहाड़ी पर बारिश हुई न ही मैदानी इलाके में कोई खास बारिश हुई। फिर भी यहां बहने वाली सभी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

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घाघरा नदी बरहज में खतरे के निशान से थोड़ा नीचे रह गई है। अन्य नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है दूसरे राज्यों में हुई भारी बारिश का पानी नदियों के माध्यम से पूर्वांचल में पहुंच रहा है।
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सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व ही विभाग की तरफ से लोगों का सतर्क कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में भारी बारिश की वजह से चंबल नदी से 25 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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चंबल का पानी यमुना नदी में आया उसके बाद वह पानी गंगा नदी में आया है। इस नाते गंगा नदी के किनारे बसे शहर प्रयागराज और वाराणसी में भीषण बाढ़ आ गई है। उसका असर गंगा के किनारे बसे बलिया में भी दिख रहा है। गंगा नदी में सरयू बलिया के पास मिलती है। गंगा का पानी सरयू में आने के कारण उसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

सोमवार शाम चार बजे तक सरयू नदी बरहज में 66.700 सेमी पर बह रही थी। जबकि उसके खतरे का निशान 67.50 सेमी है। राप्ती नदी के जलस्तर में कोई खास असर नहीं है पर वह भी लगातार बढ़ रही है।

सरयू नदी का पानी बढ़ा तो वह राप्ती में आएगा। उसका जलस्तर सोमवार शाम 72.60 सेमी था। लेकिन, उसके खतरे का निशान 74.98 सेमी है। वह खतरे के निशान से काफी नीचे है। संभावना है कि इसके भी जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।
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