{"_id":"63219817446afc018c2b25d4","slug":"railway-group-d-exam-stf-and-police-arrested-eight-accused-side-story","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Railway Group-D exam: ईसीआरसी पद पर कार्यरत था सॉल्वर रंजीत, दूसरों की जगह पर दे चुका है परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Railway Group-D exam: ईसीआरसी पद पर कार्यरत था सॉल्वर रंजीत, दूसरों की जगह पर दे चुका है परीक्षा
Wed, 14 Sep 2022 02:30 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 14 Sep 2022 02:30 PM IST
सार
गिरफ्तार अखिलेश्वर सिंह ने बताया कि वह अभ्यर्थियों की तलाश करता था। रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा में नियुक्ति के बाद प्रति अभ्यर्थी पांच लाख रुपये में सौदा तय होता था। इसमें उसका कमीशन दो लाख रुपये होता था।
विज्ञापन
आरोपियों को एसटीएफ और पुलिस ने गिरफ्तार किया।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रेलवे की ग्रुप-डी की ऑनलाइन परीक्षा में सॉल्वर गैंग के गुर्गे के तौर पर पकड़े गए सॉल्वर रंजीत कुमार ने बताया कि वह पहले ईसीआरसी पद पर लखनऊ में कार्यरत था। अब तक कई स्थानों पर दूसरों की जगह पर परीक्षा दे चुका है। बताया कि प्रति अभ्यर्थी पांच लाख में सौदा तय होता था।
विज्ञापन
बिहार का मूल निवासी रंजीत कुमार मंगलवार को स्वास्तिक आनलाइन सेंटर में मिथिलेश कुमार की जगह पर परीक्षा देने आया था। पूछताछ में उसने बताया कि वह लखनऊ, चंडीगढ़, प्रयागराज, उत्तराखंड सहित कई स्थानों पर सॉल्वर के रूप में दूसरे परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा दे चुका है।
विज्ञापन
रंजीत के पास से एसटीएफ ने विग और अन्य मेकअप का सामान बरामद किया है। रंजीन ने बताया कि अभ्यर्थियों के रंग रूप के हिसाब से चेहरे का मेकअप करता था। फेविकोल से अभ्यर्थियों के अंगूठे की छाप तैयार करता था। फोटोशॉप के माध्यम से अभ्यर्थियों के फोटो के स्थान पर अपना फोटो मिक्स करके लगा देता है।
विज्ञापन
अखिलेश्वर तलाशता था अभ्यर्थी
गिरफ्तार अखिलेश्वर सिंह ने बताया कि वह अभ्यर्थियों की तलाश करता था। रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा में नियुक्ति के बाद प्रति अभ्यर्थी पांच लाख रुपये में सौदा तय होता था। इसमें उसका कमीशन दो लाख रुपये होता था। मिथिलेश ने बताया कि अखिलेश्वर सिंह से परीक्षा में पास कराकर नियुक्ति की बात तय हुई थी। नियुक्ति होने के बाद पांच लाख रुपये अखिलेश्वर सिंह को देना था। रामनरेश ने बताया कि वह रंजीत कुमार का सहयोगी है। वह भी अभ्यर्थियों की तलाश करता है।
पहले भी पकड़े गए साल्वर
पहले भी पकड़े गए साल्वर
- 28 नवंबर 2020 कैंट इलाके के पैडलेगंज से 12 सॉल्वर पकड़े गए।
- 6 अगस्त 2019 को जंगल धूसड़ स्थित ई टेक्निकल सेंटर पर एसएससी की आनलाइन परीक्षा में दूसरे की जगह परीक्षा देते 4 सॉल्वर में पकड़े गए।