फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Railway Group-D Exam solver gang bust in gorakhpur

Railway Group-D Exam: बुआ का नाम भूलकर फंस गया सॉल्वर, फोटो देखकर पुलिस भी चकराई

Thu, 15 Sep 2022 12:14 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 15 Sep 2022 12:14 PM IST
सार

एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। एसपी ने बताया कि गीडा पुलिस और एसओजी प्रभारी मनीष यादव की टीम ने चार आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार किया।

विज्ञापन
Railway Group-D Exam solver gang bust in gorakhpur
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में रेलवे ग्रुप-डी की ऑनलाइन परीक्षा में एक सॉल्वर के पकड़े जाने के बाद ही पुलिस उसके अन्य साथियों के पास पहुंच पाई। दरअसल, पुलिस ने असल अभ्यर्थी को पहले पकड़ा और उससे ब्योरा हासिल कर जब सॉल्वर को पकड़ा तो खुद ही चकरा गई। क्योंकि, फोटो ऐसा एडिट किया गया था कि उसे फर्जी साबित कर पाना आसान नहीं था। इसके बाद पुलिस ने घर परिवार का नाम पूछा तो सब बता ले गया, लेकिन बुआ के नाम पर अटक गया।

विज्ञापन


फूफा का नाम बताया और बुआ का नाम नहीं बताने पर पुलिस ने उसे उठा लिया और फिर गिरोह का भंडाफोड़ किया। एसपी नार्थ ने बताया कि जालसाजों ने फोटो को ऐसा एडिट किया था कि अगर पंकज को सामने करके देखा जाए तो उसकी लग रही थी और दीपचंद को देखा जाए तो उसकी लग रही थी।
विज्ञापन


शातिराना तरीके से आधार कार्ड के फोटो को भी एडिट कर दिया गया था। इतना ही नहीं फोटो में उसी शर्ट का इस्तेमाल किया गया था, जिस शर्ट को पहनकर वह परीक्षा में शामिल होने के लिए गया था। चेहरे की ढाढ़ी हटाकर फोटो बनाई गई थी और उसी तरह परीक्षा में शामिल होने के लिए भी गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

जिले में पहले भी पकड़े जा चुके हैं सॉल्वर

दूसरे को बैठाकर परीक्षा दिलाने का मामला इसके पहले भी गोरखपुर में पकड़ा जा चुका है। स्वास्तिक ऑनलाइन सेंटर से कई बार पुलिस और एसटीएफ की टीम सॉल्वर पकड़कर केस दर्ज कर चुकी है, लेकिन जांच में बच जाते हैं।

  • 28 नवंबर 2020 : कैंट इलाके के पैडलेगंज से 12 सॉल्वर पकड़े गए।
  • 6 अगस्त 2019 : जंगल धूसड़ स्थित ई-टेक्निकल सेंटर पर एसएससी की ऑनलाइन परीक्षा में दूसरे की जगह परीक्षा देते चार सॉल्वर में पकड़े गए।
  • 14 सितंबर 2018 : यूपीपीसीएल (यूपी पावर कार्पोरेशन) की सहायक समीक्षा अधिकारी की ऑनलाइन परीक्षा में स्वास्तिक सेंटर से बस्ती के अलमास, गोरखपुर के दिलीप कुमार वर्मा और छपरा, बिहार के सॉल्वर रोशन कुमार व मुजफ्फरपुर निवासी राजीव यादव को गिरफ्तार किया गया।
  • 31 अक्तूबर 2018 : रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा में स्वास्तिक सेंटर से बिहार के जहानाबाद निवासी सॉल्वर दिनेश कुमार और नालंदा निवासी राजीव कुमार पकड़े गए थे।
  • 21 सितंबर 2018 : पिपराइच स्थित ऑनलाइन परीक्षा केंद्र से रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा में अभ्यर्थी अमित, सॉल्वर अभिषेक, रोहित, राजीव व पंकज पकड़े गए थे।
  • 15 सितंबर 2017 : दरोगा के प्लाटून कमांडर की ऑनलाइन परीक्षा में स्वास्तिक परीक्षा सेंटर से अभिषेक रंजन, अभ्यर्थी रमेश प्रसाद, मास्टर माइंड अवधेश गिरफ्तार हुए थे।


नौसड़ में मिली थी रामजी की लोकेशन
नौसड़ के स्वास्तिक ऑनलाइन सेंटर के पास ही लोको पायलट रामजी की लोकेशन मंगलवार को मिली थी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। पुलिस की ओर से आगरा रेलवे को पत्र भी भेजा जाएगा।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि रामजी ने पिपराइच क्षेत्र में ही कहीं पर अपना आलीशान मकान बनवाया है। उसके साथियों से पूछताछ में पता चला है कि लोगों को फर्जी तरीके से नौकरी दिलाकर वह क्षेत्र में इतना चर्चित हो गया है कि वह घर पर आता है तो वहां उससे मिलने के लिए लोगों भीड़ लग जाती है। उसने तमाम लोगों को नौकरियां दिलवाई हैं और नौकरी के नाम पर बहुत से लोगों का वह रुपये भी दबाए हुए है।

 

सॉल्वर को देता है डेढ़ लाख रुपये

एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि रामजी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले मेधावी छात्रों की आर्थिक मदद कर सॉल्वर बनाता है। जरूरतों में मदद के एवज में रुपये लेकर सॉल्वर तैयार हो जाते हैं। वह रेलवे की ग्रुप-डी परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए डेढ़ लाख रुपये सॉल्वर को देता था और 20 हजार रुपये अभ्यर्थी ढूंढकर लाने वाले को देता था।

आगरा में तैनात लोको पायलट है सॉल्वर गिरोह का सरगना
रेलवे ग्रुप-डी की ऑनलाइन परीक्षा में सेंधमारी का मास्टर माइंड आगरा में तैनात लोको पायलट रामजी है। पकड़े गए चार आरोपियों से पूछताछ में पुष्टि के बाद पुलिस ने कुशीनगर के अहिरौली बाजार निवासी रामजी को वांछित कर दिया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है।

जांच में पता चला कि 10 लाख रुपये में सॉल्वर को बैठाकर परीक्षा पास कराने का ठेका लिया गया था और एक लाख रुपये एडवांस के तौर पर लिया गया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बिहार के काशीचक निवासी पंकज कुमार, खोराबार के चनकापुर निवासी दीपचंन्द, चौरीचौरा के कुसली निवासी इंद्रजीत और चौरीचौरा के इब्राहिमपुर निवासी संदीप पासवान के रूप में हुई।

एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। एसपी ने बताया कि गीडा पुलिस और एसओजी प्रभारी मनीष यादव की टीम ने चार आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लोको पायलट रामजी गिरोह का मास्टर माइंड है। सभी सेटिंग वही करता है। हम लोगों को सिर्फ अभ्यर्थी को फंसाना होता है और रुपये वसूलने होते हैं। नियुक्ति के बाद पूरा भुगतान होता है और फिर रुपयों का बंटवारा होता है।

एसपी ने बताया कि खोराबार के दीपचन्द की जगह पर पंकज बैठा था। इन दोनों के पकड़े जाने के बाद अन्य आरोपी चौरीचौरा से पकड़े गए थे। उधर, एसटीएफ ने भी चार आरोपियों को पकड़ा था। पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed