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Gorakhpur News: रेलवे कर्मियों को नाम के अंतर पर अब नहीं कराना होगा गजट
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गोरखपुर। रेलवे कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय सेवा रिकॉर्ड और पैन, आधार या बैंक खातों में नाम की भिन्नता के कारण होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सरलीकृत आदेश जारी किया है।
इसके तहत सेवा रिकॉर्ड में दर्ज संक्षिप्त नाम को साक्ष्यों के आधार पर पूरा कराने के लिए राजपत्र (गजट) में नाम परिवर्तन की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। यह व्यवस्था रेलवे के सभी जोन और इकाइयों पर लागू होगी। रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी के सेवा रिकॉर्ड में नाम संक्षिप्त रूप में दर्ज है, जबकि पैन, आधार या बैंक खाते में पूरा नाम लिखा है, तो इसे नाम में परिवर्तन नहीं माना जाएगा।
ऐसे मामलों में कर्मचारी को अपना पूरा नाम दर्ज कराने के लिए सरकारी पहचान पत्रों के साथ नोटरीकृत शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। पहचान के लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकेगा।
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कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत : पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (पीआरकेएस) के महामंत्री एवं एनएफआईआर के सहायक महामंत्री विनोद कुमार राय ने कहा कि रेलवे बोर्ड का यह आदेश कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के बाद जारी किया गया है।
इससे देशभर के रेलवे कर्मचारियों को राहत मिलेगी। वहीं, पीआरकेएस के अध्यक्ष एवं एनएफआईआर के जोनल सचिव रमेश मिश्रा ने कहा कि आदेश लागू होने से कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय नाम संबंधी औपचारिकताओं के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
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इसके तहत सेवा रिकॉर्ड में दर्ज संक्षिप्त नाम को साक्ष्यों के आधार पर पूरा कराने के लिए राजपत्र (गजट) में नाम परिवर्तन की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। यह व्यवस्था रेलवे के सभी जोन और इकाइयों पर लागू होगी। रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी के सेवा रिकॉर्ड में नाम संक्षिप्त रूप में दर्ज है, जबकि पैन, आधार या बैंक खाते में पूरा नाम लिखा है, तो इसे नाम में परिवर्तन नहीं माना जाएगा।
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ऐसे मामलों में कर्मचारी को अपना पूरा नाम दर्ज कराने के लिए सरकारी पहचान पत्रों के साथ नोटरीकृत शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। पहचान के लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकेगा।
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कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत : पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (पीआरकेएस) के महामंत्री एवं एनएफआईआर के सहायक महामंत्री विनोद कुमार राय ने कहा कि रेलवे बोर्ड का यह आदेश कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के बाद जारी किया गया है।
इससे देशभर के रेलवे कर्मचारियों को राहत मिलेगी। वहीं, पीआरकेएस के अध्यक्ष एवं एनएफआईआर के जोनल सचिव रमेश मिश्रा ने कहा कि आदेश लागू होने से कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय नाम संबंधी औपचारिकताओं के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।